HARYANA: क्या DGP ओपी सिंह का बढ़ेगा कार्यकाल?HARYANA: क्या DGP ओपी सिंह का बढ़ेगा कार्यकाल?

HARYANA: क्या DGP ओपी सिंह का बढ़ेगा कार्यकाल?

हरियाणा पुलिस के मौजूदा महानिदेशक ओपी सिंह का कार्यकाल समाप्ति की ओर है, लेकिन इसके साथ ही उन्हें दोबारा इस पद पर नियुक्त करने की मांग भी तेज हो गई है। क्योंकि, प्रदेश के भीतर पुलिसिंग के ढांचे में स्थिरता बनाए रखने और कानून-व्यवस्था की वर्तमान स्थिति को देखते हुए, उनके समर्थक तर्क दे रहे हैं कि continuity बनाए रखना बेहद जरूरी है। वहीं, कुछ विशेषज्ञ इसे राजनीतिक और प्रशासनिक समीकरणों का हिस्सा भी मान रहे हैं। ओपी सिंह हरियाणा कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं जिन्होंने अपने कार्यकाल में कई अहम पहलें कीं हैं… चाहे वो साइबर अपराधों पर नियंत्रण की बात हो, या महिला सुरक्षा से जुड़े अभियानों की… उनके नेतृत्व में प्रदेश पुलिस ने कई चर्चित मामलों की जांच में पेशेवर दक्षता दिखाई। येही कारण है कि, पुलिस बल के भीतर और उससे जुड़े कई सामाजिक समूह उनके बनाए माहौल को जारी रखना चाहते हैं।

अक्सर देखा गया है कि, किसी भी राज्य की कानून व्यवस्था में स्थिरता बनाए रखने के लिए शीर्ष नेतृत्व का अनुभव अहम होता है। हरियाणा जैसे राज्य में, जहां औद्योगिक बेल्ट से लेकर ग्रामीण आंचल तक अपराध के तमाम रूप देखने को मिलते हैं, वहां अनुभवी नेतृत्व का रहना कई मायनों में फायदेमंद माना जाता है। ओपी सिंह के कार्यकाल को बढ़ान के पक्षधर ये तर्क दे रहे हैं कि उन्होंने पुलिसिंग में तकनीकी सुधारों की दिशा में काम किया है… जैसे स्मार्ट पुलिसिंग, ट्रैफिक प्रबंधन सिस्टम में डिजिटलीकरण और पुलिस-जनसंवाद कार्यक्रम।

हालांकि प्रशासनिक स्तर पर भी उनकी उपलब्धियों को सराहा जा रहा है, लेकिन ये सवाल भी उठ रहा है कि, क्या ये मांग सिर्फ पेशेवर योग्यता के आधार पर है या इसमें राजनीतिक हित भी निहित हैं। क्योंकि, सरकार चाहती है कि पुलिस नेतृत्व में ऐसा चेहरा रहे, जो न सिर्फ प्रशासनिक दक्षता रखता हो बल्कि सत्ता संग तालमेल भी। सूबे की राजनीति में डीजीपी जैसे पदों पर तैनाती अक्सर सत्तारूढ़ दल की प्राथमिकताओं को भी दर्शाती है।

कुछ आवाज़ें ये भी कह रही हैं कि राज्य को अब नए नेतृत्व की ओर बढ़ना चाहिए। कई योग्य आईपीएस अधिकारी हैं जो अगले क्रम में इस पद के दावेदार हो सकते हैं। इनमें उन अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं जिन्होंने जिलों और सुरक्षा एजेंसियों में सफल नेतृत्व किया है। उनका तर्क है कि प्रणाली में ताजगी और नए विचारों की भी उतनी ही जरूरत है जितनी अनुभव की।

इस पूरे मसले में ये साफ है कि फैसला चाहे जो भी हो, राज्य सरकार को स्थिरता और सुधार दोनों के बीच संतुलन साधना होगा। ओपी सिंह जैसे अनुभवी अधिकारी का कार्यकाल बढ़ाना प्रशासनिक दृष्टि से लाभदायक हो सकता है, लेकिन साथ ही ये संदेश भी देना जरूरी है कि प्रणाली व्यक्तियों पर नहीं, संस्थागत मजबूती पर निर्भर करती है। आने वाले दिनों में ये फैसला हरियाणा की पुलिस व्यवस्था की दिशा तय करेगा कि, राज्य अनुभव पर भरोसा करेगा या नई ऊर्जा पर दांव लगाएगा।

वहीं यूपीएससी ने सरकार द्वारा भेजा गया डीजीपी पैनल वापस लौटा दिया है, ये कहते हुए कि वर्तमान में डीजीपी का पद खाली नहीं है।जिसके बाद हरियाणा सरकार DGP शत्रुजीत कपूर को हटाने पर विचार कर सकती है… क्योंकि, शत्रुजीत कपूर की छुट्टी 14 दिसंबर को खत्म हो रही हैं।

आपको बता दे किं, आईपीएस वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में नाम आने के बाद शत्रुजीत कपूर छुट्टी पर हैं। ऐसे में डीजी रैंक के आईपीएस ओपी सिंह को डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। ओपी सिंह 31 दिसंबर को रिटायर होंगे, इसलिए प्रदेश में नए डीजीपी की नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द आगे बढ़ सकती है।

By Abhishek Saini

वर्तमान में मैं 4Iconic Media Group में पिछले तीन वर्षों से न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हूं। पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 15 वर्षों के अनुभव के साथ संस्थान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और कंटेंट की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हूं। अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सुदर्शन न्यूज से की, जिसके बाद A2Z न्यूज चैनल, जनता टीवी, MH1 न्यूज सहित कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने का अवसर मिला। समाचार संपादन, कंटेंट प्लानिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग और न्यूजरूम मैनेजमेंट में व्यापक अनुभव हासिल किया है। लेखन मेरा जुनून है और निष्पक्ष, प्रभावशाली तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के माध्यम से समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को सामने लाने के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहा हूं। मीडिया जगत में अपने अनुभव, नेतृत्व क्षमता और रचनात्मक सोच के बल पर लगातार नए आयाम स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहा हूं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *