हरियाणा सरकार का बड़ा राहत पैकेज होगा जारी
हरियाणा कैबिनेट की अहम बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के किसानों, मजदूरों और शहरी विकास से जुड़े कई बड़े फैसलों का ऐलान किया। बैठक में सीएम ने बताया कि, अगस्त और सितंबर 2024 में भारी बारिश की वजह से हरियाणा के कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई थी।
सरकार ने तत्काल राहत कार्य शुरू किए और मंत्रियों व अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर मौके की स्थिति का जायजा भी लिया।
CM सैनी ने कहा कि, किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए 15 सितंबर तक ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला गया था, जहां किसानों ने फसल हानि का विवरण दर्ज कराया था। अब इसी प्रक्रिया के बाद सरकार ने 53821 किसानों को 116 करोड़ रुपए से ज्यादा का मुआवज़ा जारी कर दिया है।
सरकार द्वारा जारी राशि में अलग-अलग फसलों के लिए अलग-अगल मुआवजा शामिल है। बाजरा फसल के लिए 35 करोड़ 29 लाख रुपए, कपास के लिए 27 करोड़ 43 लाख, धान के लिए 22 करोड़ 51 लाख, और ग्वार फसल के लिए 14 करोड़ 10 लाख रुपए की राशि जारी की गई है।
जिलों की बात करें तो चरखी दादरी के किसानों को सबसे ज्यादा लाभ मिला है, जहां 23 करोड़ 55 लाख रुपए जारी किए गए हैं। इसके बाद हिसार के किसानों को 17 करोड़ 82 लाख, और भिवानी के किसानों को 12 करोड़ 15 लाख रुपए का भुगतान किया गया है। सत्यापन के बाद पता चला कि, कुल 1 लाख 20 हजार 380 एकड़ कृषि भूमि बाढ़ से प्रभावित हुई थी।
CM सैनी ने कहा कि, पिछले 11 सालों में राज्य सरकार किसानों को मुआवज़ा और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अब तक 15 हजार 448 करोड़ रुपए की राशि दे चुकी है। इससे साफ है कि, सरकार किसानों को लेकर लगातार बड़े निर्णय ले रही है।
जिसके साथ ही सरकार ने बाजरा किसानों के लिए भी अहम घोषणा की। सीएम ने बताया कि, खरीफ सीजन 2021 में बाजरा को भावांतर भरपाई योजना में शामिल किया गया था और 575 रुपए प्रति क्विंटल की दर से किसानों को भुगतान करने का निर्णय लिया गया था।
इसी फैसले के तहत आज 1 लाख 57 हजार किसानों को 358 करोड़ 62 लाख रुपए का बाजरा भावांतर भुगतान जारी किया गया है। अब तक राज्य के किसानों को बाजार भावांतर के रूप में 927 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि दी जा चुकी है।
बैठक में शहरी विकास से जुड़े बड़े फैसले भी लिए गए। सरकार ने आज EDC फंड से हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, पंचकूला और हिसार के मेट्रो विकास प्राधिकरण को 1700 करोड़ रुपए जारी किए हैं। ये फंड बजट भाषण में की गई घोषणा का हिस्सा था। इससे पहले भी इसी वर्ष शहरी क्षेत्रों में बाहरी विकास कार्यों के लिए 1500 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं, जबकि वर्ष 2024-25 में ये राशि 2188 करोड़ रुपए थी।
किसानों की आर्थिक समस्याओं को देखते हुए कैबिनेट में एक और महत्वपूर्ण योजना को मंजूरी मिली। ये योजना PACS से ऋण लेने वाले किसानों के लिए है। सीएम सैनी ने बताया कि, किसानों को राहत देने के लिए सरकार एकमुश्त निपटान योजना शुरू कर रही है। इस योजना के तहत अगर किसान अपनी मूल ऋण राशि जमा कर देते हैं, तो उन पर लगा पूरा ब्याज सरकार माफ कर देगी।
इस योजना का लाभ प्रदेश के 6,81,182 किसानों और गरीब मजदूरों को मिलेगा। सरकार इस योजना के तहत 2266 करोड़ रुपए का ब्याज माफ करने जा रही है। इतना ही नहीं, 2 लाख 25 हजार मृत किसानों के परिवार भी इस योजना का लाभ ले सकेंगे। अगर वे मूल राशि जमा कर देते हैं, तो उन्हें 900 करोड़ रुपए की ब्याज माफी का फायदा मिलेगा। ये योजना 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगी।
इन सभी घोषणाओं के साथ कैबिनेट बैठक किसानों और शहरी क्षेत्रों दोनों के लिए राहत और विकास का पैकेज लेकर आई है। सरकार का दावा है कि, ये फैसले प्रदेश की अर्थव्यवस्था, कृषि और शहरी ढांचे को नई गति देंगे।
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