हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी अब राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर पूरी तरह एक्शन मोड में आ गए हैं। हाल ही में उन्होंने लॉ एंड ऑर्डर पर एक उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमें प्रदेश के आला पुलिस अधिकारियों को कई सख्त निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने कहा कि अगर कोई भी पुलिसकर्मी वर्दी में रहते हुए शराब पीते पाया गया, तो उस पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि वर्दी की गरिमा को बनाए रखना जरूरी है, और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री सैनी ने जनता से जुड़ी शिकायतों को लेकर भी अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि नागरिक जो शिकायतें लिखित रूप में जन संवाद पोर्टल पर दर्ज करते हैं, उन पर संबंधित पुलिस अधिकारी त्वरित और गंभीर संज्ञान लें। हर शिकायत की समयबद्ध जांच होनी चाहिए और उसकी प्रगति नियमित रूप से पोर्टल पर अपडेट की जाए। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं को गंभीरता से लेना प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है और किसी भी शिकायतकर्ता को न्याय के लिए लंबा इंतजार नहीं करना चाहिए।
‘अपराध नियंत्रण में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं’
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर थाना प्रभारी को अपने क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों पर नियमित नजर रखनी चाहिए। अगर किसी इलाके में अपराध बढ़ते हैं, तो तत्काल प्रभाव से सख्त कार्रवाई की जाए और स्थिति को नियंत्रण में लाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब जवाबदेही सिर्फ जिले के स्तर पर नहीं, बल्कि थाना स्तर पर भी तय की जाएगी। करीब 4 घंटे तक चली इस बैठक में अपराध नियंत्रण, पुलिसकर्मियों की कार्यशैली, और कानून व्यवस्था की समीक्षा की गई। सीएम सैनी ने यह भी कहा कि अपराध नियंत्रण में किसी भी तरह की ढिलाई या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पुलिस तंत्र को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए तकनीकी संसाधनों के उपयोग पर जोर दिया। उनका कहना था कि रियल टाइम डेटा, निगरानी और विश्लेषण से अपराधों पर प्रभावी तरीके से नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य में सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल देना है, जिससे आम जनता खुद को सुरक्षित महसूस करे। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने फिरौती और रंगदारी जैसे गंभीर अपराधों पर चिंता जताते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराध किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। अपराधियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए ताकि प्रदेश में कानून का भय बना रहे और जनता को भरोसा हो कि प्रशासन उनके साथ है।
‘महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश’
महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी मुख्यमंत्री ने विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों को स्कूलों, कॉलेजों, खासतौर पर कन्या महाविद्यालयों और कन्या विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करना चाहिए। अधिकारियों को बच्चों से संवाद कर उन्हें सजग करना चाहिए, ताकि समय रहते किसी भी असामाजिक गतिविधि को रोका जा सके। इसके अलावा स्कूल और कॉलेज की छुट्टी के समय पुलिस की विशेष पेट्रोलिंग होनी चाहिए, जिससे छात्राएं और उनके परिजन खुद को सुरक्षित महसूस करें। सीएम सैनी ने दोहराया कि पुलिस का व्यवहार संवेदनशील, सतर्क और जिम्मेदार होना चाहिए। आम नागरिकों को यह भरोसा होना चाहिए कि पुलिस हर समय उनकी सुरक्षा के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अपराधों पर कड़ा नियंत्रण और लोगों को सुरक्षित वातावरण देने की दिशा में लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री के इन स्पष्ट और कड़े निर्देशों से यह साफ हो गया है कि आने वाले समय में हरियाणा में अपराधियों पर शिकंजा और कसा जाएगा, और पुलिस व्यवस्था को पूरी तरह जवाबदेह और जनहितैषी बनाया जाएगा। जनता को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और भरोसेमंद माहौल देने के लिए सरकार अब कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती।
