Sikar French Couple Vedic Wedding: राजस्थान के सीकर जिले में भारतीय संस्कृति और वैदिक परंपराओं के प्रति विदेशी नागरिकों का अनोखा प्रेम देखने को मिला। फ्रांस से आए एक जोड़े ने सीकर के दूजोद गांव में हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार वैदिक विवाह रचाया। विदेशी जोड़े ने भारतीय परंपराओं से प्रभावित होकर अग्नि को साक्षी मानते हुए सात फेरे लिए और वैवाहिक जीवन की शुरुआत की। इस अनोखे विवाह समारोह ने स्थानीय लोगों का ध्यान आकर्षित किया और भारतीय संस्कृति की वैश्विक पहचान का खूबसूरत उदाहरण पेश किया।
फ्रांस से राजस्थान पहुंचे जोड़े ने अपनाई भारतीय विवाह परंपरा
राजस्थान अपनी समृद्ध संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत और पारंपरिक रीति-रिवाजों के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। विदेशी पर्यटक यहां की जीवनशैली और सांस्कृतिक परंपराओं से अक्सर प्रभावित होते हैं।
इसी कड़ी में सीकर जिले के दूजोद गांव में फ्रांस से आए एक जोड़े ने भारतीय विवाह पद्धति को अपनाकर एक अलग मिसाल पेश की।
जोड़े ने पारंपरिक वैदिक विधि से विवाह करने का निर्णय लिया। समारोह में भारतीय संस्कृति के अनुरूप धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए गए।
अग्नि को साक्षी मानकर लिए सात फेरे
विवाह समारोह का सबसे खास आकर्षण वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुई सात फेरों की रस्म रही।
हिंदू विवाह परंपरा में अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लेने का विशेष महत्व है। प्रत्येक फेरा दांपत्य जीवन में सहयोग, विश्वास, सम्मान और एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारियों का प्रतीक माना जाता है।
फ्रांसीसी जोड़े ने भी इसी परंपरा के अनुसार विवाह की रस्में निभाईं। इस दौरान भारतीय संस्कृति और वैदिक विवाह पद्धति की झलक देखने को मिली।
भारतीय संस्कृति से प्रभावित होकर लिया फैसला
विदेशी जोड़े का भारतीय रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह करना इस बात को दर्शाता है कि भारतीय संस्कृति का आकर्षण देश की सीमाओं से बाहर भी है।
भारत में विवाह को केवल दो व्यक्तियों का संबंध नहीं, बल्कि जीवनभर साथ निभाने और पारिवारिक जिम्मेदारियों को साझा करने वाला संस्कार माना जाता है।
विशेष रूप से राजस्थान की पारंपरिक विवाह पद्धति, धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक विरासत विदेशी नागरिकों को आकर्षित करती रही है।
पूर्व सरपंच के घर सजा विवाह मंडप
यह विवाह समारोह दूजोद गांव के पूर्व सरपंच विक्रम सिंह शेखावत के आवास पर आयोजित किया गया। यहां पारंपरिक तरीके से विवाह मंडप सजाया गया था।
पंडित देवेंद्र शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विवाह की सभी रस्में संपन्न कराईं। फ्रांस निवासी हूबर्ट और उनकी मंगेतर सोफी ने भारतीय परिधान पहनकर विवाह समारोह में हिस्सा लिया।
बुधवार, 28 अक्टूबर की शाम आयोजित इस विवाह में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। स्थानीय लोगों ने नवविवाहित जोड़े का स्वागत किया और आतिशबाजी कर खुशी जताई।
दो साल पहले भारत आए थे हूबर्ट, संयुक्त परिवार की परंपरा ने जीता दिल
हूबर्ट जीव विज्ञान के क्षेत्र में शोध कार्य से जुड़े हैं। करीब दो साल पहले वे 30 पर्यटकों के एक समूह के साथ भारत घूमने आए थे।
उस दौरान दूजोद गांव के रहने वाले फ्रेंच गाइड गोवर्धन सिंह ने उन्हें जयपुर, मंडावा, जैसलमेर, जोधपुर और आगरा सहित कई पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया था।
इस यात्रा के दौरान हूबर्ट भारतीय परिवारों की जीवनशैली और आपसी रिश्तों से बेहद प्रभावित हुए।
विशेष रूप से भारत की संयुक्त परिवार व्यवस्था ने उनका ध्यान खींचा। परिवार के सदस्यों का एक-दूसरे के साथ रहना, बुजुर्गों का सम्मान करना और रिश्तों को महत्व देना उन्हें काफी पसंद आया।
इसी अनुभव के बाद हूबर्ट ने अपनी मंगेतर सोफी के साथ भारत में वैदिक परंपरा के अनुसार विवाह करने का फैसला लिया।
फ्रांस के राजस्व विभाग में कार्यरत हैं सोफी
हूबर्ट की पत्नी सोफी फ्रांस के राजस्व विभाग में कार्यरत हैं। उन्होंने भी भारतीय संस्कृति और विवाह परंपराओं के प्रति विशेष रुचि दिखाई।
विवाह के दौरान सोफी पारंपरिक भारतीय परिधान में नजर आईं। उन्होंने वैदिक मंत्रों और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच विवाह की सभी रस्मों में भाग लिया।
दोनों ने भारतीय रीति-रिवाजों को अपनाते हुए जीवनभर एक-दूसरे का साथ निभाने का संकल्प लिया।
शादी के बाद 11 दिनों तक करेंगे भारत भ्रमण
वैदिक विवाह संपन्न होने के बाद हूबर्ट और सोफी ने भारत के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों को देखने की योजना बनाई है।
नवविवाहित जोड़ा अगले 11 दिनों तक राजस्थान और आसपास के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण करेगा।
उनकी यात्रा में उदयपुर, मंडावा, बीकानेर, जैसलमेर, पुष्कर और आगरा जैसे प्रसिद्ध शहर शामिल हैं।
इस दौरान दोनों ऐतिहासिक किलों, महलों और सांस्कृतिक धरोहरों को करीब से जानेंगे।
विदेशी जोड़े की शादी बनी गांव में चर्चा का विषय
दूजोद गांव में फ्रांसीसी जोड़े का वैदिक विवाह स्थानीय लोगों के लिए एक यादगार आयोजन बन गया।
ग्रामीणों ने विवाह समारोह में उत्साह के साथ भाग लिया और विदेशी मेहमानों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया।
हूबर्ट और सोफी की यह शादी भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और वैदिक विवाह परंपरा के प्रति विदेशी नागरिकों के आकर्षण का उदाहरण बनकर सामने आई है।
राजस्थान की मेहमाननवाजी और सांस्कृतिक विरासत ने एक बार फिर विदेशी पर्यटकों पर अपनी खास छाप छोड़ी है।
