मोहाली: विदेश भेजने के नाम पर चल रहा ठगी का खेल
मोहाली में विदेशी सपनों को सच करने का दावा करने वाली एक इमिग्रेशन कंपनी ने फतेहगढ़ साहिब के रहने वाले युवक से 7.50 लाख रुपये ठग लिए। युवक गगनदीप सिंह का आरोप है कि, वो एक साल से कंपनी के चक्कर काट रहा है, लेकिन न वीज़ा मिला, न पैसे वापस मिले।
हालत ये हो गई है कि, विदेश जाने की उम्मीद में उसने घर का सोना गिरवी रख दिया, और अब हर महीने 16 हजार की किस्त भर रहा है।
गगनदीप ने बताया कि, वो पहले इंग्लैंड में काम कर चुका था और दोबारा किसी अच्छे देश में जाकर नौकरी करना चाहता था। इसी दौरान उसने सोशल मीडिया पर मोहाली की एक प्रसिद्ध इमिग्रेशन कंपनी का विज्ञापन देखा।
एड में दावा किया गया था कि, कंपनी ऑस्ट्रेलिया के लिए वर्क वीज़ा दिलाती है। भरोसा जगा और वो सीधे ऑफिस पहुंच गया।

ऑफिस में मिलने के बाद कंपनी मैनेजमेंट ने उसे भरोसा दिलाया कि, वे उसका ऑस्ट्रेलिया का 482 वीज़ा (TSS Visa) लगवा देंगे। उन्होंने कहा कि, प्रक्रिया तेज होगी और उसे कोई दिक्कत नहीं आएगी।
इसी विश्वास में गगनदीप ने अपनी कमाई की सारी सेविंग कंपनी को दे दी। इतना ही नहीं, रकम पूरी करने के लिए घर का सोना तक गिरवी रख दिया, क्योंकि मिडिल क्लास परिवार के लिए इतना बड़ा अमाउंट एक साथ जुटाना आसान नहीं होता।
गगनदीप के मुताबिक, 2 अक्टूबर को पूरा एक साल हो गया है लेकिन कंपनी न तो उसे विदेश भेज रही है और न ही रकम लौटा रही है।
जब भी वो ऑफिस जाता है, उसे बहाने सुनने को मिलते हैं—“अगले महीने हो जाएगा”, “पैसा लौटाएंगे”, “कुछ दिन और लगेंगे” और जब दबाव बढ़ता है, तो कंपनी वाले 5-10 हजार रुपये देकर उसे लौटा देते हैं। युवक का कहना है कि, वो हर बार मोहाली आने-जाने में ही हजार रुपये पेट्रोल में खर्च कर देता है।
गगनदीप कहता है कि, विदेशी सपने पूरे करने के लिए उसने अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया। जो पैसा उसने इंग्लैंड में रहकर कमाया था, वो सब कंपनी को दे दिया। पैसा पूरा न होने पर घर का सोना गिरवी रखा और अब हर महीने 16,000 रुपये की भारी किस्त भर रहा है। उसके परिवार की आर्थिक स्थिति भी अब खराब होती जा रही है।
गगनदीप का दावा है कि, ये पहली बार नहीं है जब इस कंपनी पर आरोप लगे हों। जब भी लोग विरोध करते हैं या शिकायत दर्ज करवाते हैं, कंपनी का नाम बदल दिया जाता है और वही लोग नए नाम से काम शुरू कर देते हैं।
उन्होंने बताया कि,“शुरू में सोचता था कि, मुझे विदेश भेज देंगे, इसलिए शिकायत नहीं की। लेकिन अब समझ आया कि, ये पूरा खेल लोगों से पैसे ठगने का है।”
लाचार होकर गगनदीप ने अब पुलिस से शिकायत की है। पुलिस भी मामले की जांच में जुट गई है। SHO अमनदीप सिंह कंबोज ने बताया कि, शिकायत मिली है और फिलहाल इसकी वेरिफिकेशन की जा रही है। अगर जांच में ठगी की बात सामने आती है, तो आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पिछले कुछ वर्षों में पंजाब और हरियाणा में विदेश भेजने के नाम पर ठगी के मामले तेजी से बढ़े हैं। लोग अपनी जमा-पूंजी, खेत, घर और जेवर तक बेच देते हैं और फिर भी विदेशी सपनों के नाम पर लूट लिए जाते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि, किसी भी इमिग्रेशन कंपनी से डील करने से पहले— कंपनी की रजिस्ट्री, लाइसेंस, पिछले रिकॉर्ड, रिव्यू सब की जांच करना बेहद जरूरी है।
गगनदीप जैसे कई युवा आज भी उसी उम्मीद में बैठे हैं कि, एक दिन उनका वीज़ा आएगा, लेकिन उनका सपना किसी और की कमाई का जरिया बन चुका है।
