हरियाणा में आगजनी से फसल हुई बर्बाद, पीड़ित किसानों को मिलेगा मुआवजा

हरियाणा के कुछ किसान आजकल बहुत परेशान हैं। प्रकृति ने ऐसा जख्म दिया है कि किसानों की सालभर की महनत स्वाह हो गई है। लेकिन किसानों को फ्रिक करने की जरुरत नहीं है। क्योंकि हरियाणा में अब किसानों की अपनी सरकार है। कमेरे वर्ग को किसी भी परेशानी को प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी अपनी समस्या मानते हैं। इसी के चलते अब मुख्यमंत्री ने बड़ा ऐलान किया है। दरअसल हरियाणा में पिछले कुछ दिनों से आग की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। सैकड़ों एकड़ फसल जलकर राख हो गई है। इसी के चलते अब हरियाणा के मुख्यमंत्री सैनी ने जलकर खराब हुई फसल के लिए मुआवजे का ऐलान किया है

बैठक के बाद सीएम सैनी ने दिए निर्देश

मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि हरियाणा में खेतों में आग लगने से फसलों और पशुओं का नुकसान झेलने वाले किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। प्रदेश सरकार जल्द ही प्रभावित किसानों के लिए मुआवजा जारी करेगी।  गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से खेतों में अचानक से आग लगने की घटनाओं में तेजी आई है। फसल जलने और पशुओं को हुए नुकसान को लेकर गंभीरता दिखाते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को उच्चाधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि प्रदेश सरकार लगातार किसानों के हित में निर्णय ले रही है। सीएम ने कहा कि हम हर स्थिति में किसानों के साथ खड़े हैं। प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि खेतों में आग लगने से प्रभावित सभी किसानों को शीघ्र ही मुआवजा दिया जाएगा। सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वे आग लगने से संबंधित घटनाओं की रिपोर्ट लें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित किसान संबंधित उपायुक्तों के समक्ष आवेदन करें ताकि उन्हें जल्द मुआवजा देने की प्रक्रिया अमल में लाई जा सके।

6 जिलों में आगजनी की कई घटनाएं

बता दें कि प्रदेश के छह जिलों सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, कुरुक्षेत्र और कैथल में आग लगने की 50 से ज्यादा घटनाएं हुईं।  इसे देखते हुए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों के डीसी को अपने जिलों में अग्नि सुरक्षा तैयारियों और प्रतिक्रिया तंत्र को बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।  सभी उपायुक्तों को निर्देशित किया गया है कि सभी फायर टेंडर, उपकरण और अग्निशमन प्रणालियां पूरी तरह कार्यात्मक हों और चौबीसों घंटे उपलब्ध हों। रात की शिफ्ट और छुट्टियों सहित हर समय पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित अग्निशमन कर्मी तैनात रहने चाहिए। आपातकालीन प्रतिक्रिया में चूक से बचने के लिए ड्यूटी रोस्टर को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जाना चाहिए।  सभी उपायुक्तों को हर शुक्रवार को अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी रिपोर्ट मुख्यालय भेजनी होगी। गांव और ब्लाक स्तर पर रेगुलर मॉनिटरिंग सिस्टम बनाने का निर्देश दिया गया है ताकि आग लगने की घटनाओं का शीघ्र पता लगाया जा सके और तुरंत रिपोर्ट की जा सके। किसानों को अग्नि सुरक्षा उपायों के बारे में जागरूक भी किया जाएगा।

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