Uncategorized

Sanjay Raut को DY Chandrachud का जवाब, ‘आप चाहते हैं मन के मुताबिक फैसले हों’

अगर कोई व्यक्ति केवल आरक्षण लाभ प्राप्त करने के लिए बिना किसी आस्था के धर्म परिवर्तन करता है तो यह आरक्षण की नीति की सामाजिक भावना के खिलाफ होगा, ये फैसला सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया है। कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए एक महिला को अनुसूचित जाति (SC) प्रमाण पत्र देने से इनकार कर दिया। दरअसल महिला ने ये प्रमाण पत्र एक उच्च श्रेणी के लिपिक पद की नौकरी पाने के लिए पुदुचेरी में प्राप्त करने के उद्देश्य से मांगा था। उसने दावा किया था कि वो हिंदू धर्म अपनाकर अनुसूचित जाति में शामिल हो चुकी है। सुप्रीम कोर्ट ने उनके दावे को खारिज करते हुए कहा कि वह अभी भी ईसाई मत का पालन करती हैं। कोर्ट ने कहा कि महिला के साक्ष्यों से ये साफ है कि वो नियमित रूप से चर्च जाती हैं और बपतिस्मा ले चुकी हैं। उनका ये दावा कि वह हिंदू धर्म अपनाकर अनुसूचित जाति की श्रेणी में आती हैं, अस्वीकार्य है। केवल आरक्षण का लाभ लेने के लिए ऐसा करना संविधान और सामाजिक न्याय की भावना के खिलाफ है।

 

admin

Recent Posts

राजस्थान: हनुमान बेनीवाल की चेतावनी पर घुटनों पर आई सरकार!

राजस्थान की राजधानी जयपुर से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने संविदा कर्मचारियों की नौकरी…

33 minutes ago

बदल गए कल्याण बनर्जी के सुर, अभिषेक बनर्जी को लेकर कहा- “वह मेरे बेटे जैसा”….

पश्चिम बंगाल की सियासत में इन दिनों तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अंदरूनी मतभेद चर्चा का…

48 minutes ago

लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ होंगे देश के नए थल सेनाध्यक्ष, इस दिन से संभालेंगे जिम्मेदारी

रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना के नए प्रमुख की नियुक्ति का ऐलान कर दिया है।…

1 hour ago

आजमगढ़ में बोले CM Yogi, “अखिलेश जी की बेटी पर अभद्र टिप्पणी हुई, मैने दर्ज करवाई FIR”

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh…

2 hours ago

15 जून को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ेगी पहली फ्लाइट, जानिए कहां से कहां तक जाएगा विमान ?

दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। लंबे इंतजार…

5 hours ago