सोशल मीडिया आज के दौरमें सिर्फ सूचनाओं का आदान-प्रदान ही नहीं, बल्कि पुरानी यादों को सहेजने और उन्हें साझा करने का एक खूबसूरत माध्यम बन गया है। हाल ही में इफ्को के चेयरमैन दिलीप संघानी ने अपनी एक पुरानी तस्वीर साझा की, जिसने न केवल उनके समर्थकों को भावुक कर दिया, बल्कि उनके लंबे राजनीतिक और सामाजिक सफर की एक झलक भी पेश की।
तस्वीर के साथ लिखे उनके शब्द…”भाजपा संगठन के साथ गांव-गांव, जन-जन तक पहुंचने का ये सफर केवल राजनीति नहीं, बल्कि मेरे लिए सेवा और विश्वास का रिश्ता रहा है”। उनके व्यक्तित्व की गहराई को दर्शाते हैं। ये पंक्तियां स्पष्ट करती हैं कि दिलीप संघानी के लिए राजनीति कभी भी सत्ता प्राप्ति का साधन नहीं रही, बल्कि ये जमीन से जुड़ने और लोगों की समस्याओं को समझने का एक जरिया रही है।
दिलीप संघानी का ये पोस्ट उनके शुरुआती दिनों के संघर्ष और समर्पण की याद दिलाता है। एक जननेता के रूप में उनकी पहचान हमेशा ‘कार्यकर्ता’ वाली रही है। आज जब वे इफ्को जैसे बड़े संस्थान का नेतृत्व कर रहे हैं, तब भी उनकी जड़ें उसी संगठन और उन्हीं गांवों में बसी हैं, जहां से उन्होंने शुरुआत की थी। ये तस्वीर सिर्फ एक याद नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के कार्यकर्ताओं के लिए ‘सेवा भाव’ का एक जीवंत सबक है।
बिहार में नई सरकार बनने के बाद मानो अपराध और अपराधियों की संख्या भी बढ़ने…
देश के कई हिस्सों में इस समय मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा…
जालंधर में BSF हेडक्वार्टर के बाहर हुए धमाके मामले में सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई…
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET UG 2026 परीक्षा को लेकर बड़ा अपडेट जारी किया…
सोना और चांदी की कीमतों में अचानक बड़ी गिरावट देखने को मिली है। पिछले कुछ…
बिहार के दरभंगा जिले में एक शादी उस समय विवाद में बदल गई, जब दुल्हन…