खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव का असर अब पाकिस्तान में साफ दिखने लगा है। गैस की सप्लाई रुकने से वहां बिजली बनना काफी कम हो गया है। हालात ऐसे हो गए हैं कि LNG से चलने वाले ज्यादातर पावर प्लांट बंद होने की कगार पर हैं।
बताए कि, इस वजह से देश के कई इलाकों में फिर से लंबी बिजली कटौती शुरू हो गई है। लोग रोजाना 6 से 7 घंटे तक बिजली न मिलने से परेशान हैं। पाकिस्तान के ऊर्जा मंत्री ओवैस लेघारी ने भी माना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण गैस की कमी हो गई है। इसका सीधा असर बिजली उत्पादन पर पड़ा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस समय पाकिस्तान में करीब 3,400 मेगावाट बिजली की कमी है। पहले जहां मांग 9,000 मेगावाट के आसपास थी, अब अचानक बढ़कर करीब 20,000 मेगावाट हो गई है। यानी मांग बहुत ज्यादा है, लेकिन सप्लाई कम पड़ रही है। हालात इतने खराब हैं कि 6,000 मेगावाट क्षमता वाले प्लांट इस समय सिर्फ 500 मेगावाट बिजली ही बना पा रहे हैं।
सरकार इस कमी को पूरा करने के लिए महंगे फ्यूल (फर्नेस ऑयल) का इस्तेमाल कर रही है, लेकिन इससे भी पूरी समस्या हल नहीं हो रही। सबसे ज्यादा दिक्कत शाम के समय होती है, जब बिजली की जरूरत सबसे ज्यादा होती है। कुल मिलाकर, गैस की कमी और बढ़ती मांग के कारण पाकिस्तान में बिजली संकट गहराता जा रहा है, जिससे आम लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं।
