CWC MEETING: पटना में हुई कांग्रेस कार्यसमिति की ऐतिहासिक बैठकCWC MEETING: पटना में हुई कांग्रेस कार्यसमिति की ऐतिहासिक बैठक

CWC MEETING: पटना में हुई कांग्रेस कार्यसमिति की ऐतिहासिक बैठक

कांग्रेस की कार्यसमिति (CWC) की ऐतिहासिक बैठक 85 साल बाद बिहार की राजधानी पटना में आयोजित हुई। सदाकत आश्रम में हुई इस अहम बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान खरगे ने केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर जमकर हमला बोला।

खरगे ने अपने संबोधन की शुरुआत सदाकत आश्रम की ऐतिहासिक विरासत को याद करते हुए की। उन्होंने कहा कि, यह वही स्थान है जो आज़ादी के आंदोलन के केंद्र बिंदु के रूप में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि, 1921 में स्थापित यह आश्रम कांग्रेस के कई महान नेताओं की कर्मभूमि रहा है। “मैं आज उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करता हूं जिन्होंने इस धरती से देश के लिए संघर्ष किया…

खरगे ने कहा कि, आज देश एक कठिन दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की स्थिति कमजोर हो रही है और इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नाकाम कूटनीति जिम्मेदार है। उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का जिक्र करते हुए कहा कि जिन्हें मोदी ‘मेरा दोस्त’ कहकर प्रचारित करते हैं, वही आज भारत को संकट में डाल रहे हैं।

चीन के मसले पर भी खरगे ने मोदी सरकार पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी का स्वदेशी का मंत्र केवल भाषणों में रह गया है जबकि चीन से आयात पिछले 5 वर्षों में दोगुना हो चुका है। “मोदी जी एक तरफ देश में आत्मनिर्भर भारत की बात करते हैं, दूसरी तरफ चीन के लिए रेड कार्पेट बिछा दिया गया है,” उन्होंने कहा।

चुनाव प्रक्रिया पर चिंता जताते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आज भारत में वोटर लिस्ट के साथ छेड़छाड़ की जा रही है। “जब चुनाव आयोग की निष्पक्षता ही संदिग्ध हो जाए, तो लोकतंत्र खतरे में पड़ जाता है,” उन्होंने कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग जवाब देने के बजाय कांग्रेस से एफिडेविट मांग रहा है। बिहार में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के जरिए लोगों को जागरूक किया गया, जिससे जनता में चेतना आई और वे राहुल गांधी के समर्थन में खुलकर सामने आए।

खरगे ने कहा कि वोटों की चोरी सिर्फ मतदाता अधिकारों की चोरी नहीं, बल्कि दलित, आदिवासी, पिछड़े, गरीब और अल्पसंख्यक वर्गों की आजीविका की भी चोरी है। “अगर वोट काटे जाएंगे, तो इसका असर राशन, पेंशन, स्कॉलरशिप और इलाज पर पड़ेगा,” उन्होंने चेताया।

देश की आर्थिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए खरगे ने कहा कि सरकार द्वारा किए गए 2 करोड़ नौकरियों के वादे अधूरे रह गए हैं। “नोटबंदी और गलत GST नीति ने अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया,” उन्होंने कहा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को अब जाकर वही GST सुधार करने पड़े हैं, जिनकी कांग्रेस लंबे समय से मांग कर रही थी।

खरगे ने कहा कि देश में महंगाई लगातार बढ़ रही है जबकि लोगों की आय में कोई इजाफा नहीं हुआ है। “मोदी जी कहते हैं लोग ज़्यादा खर्च करें, लेकिन जब कमाई ही नहीं है तो खर्च कहां से करें?” उन्होंने सवाल उठाया। किसानों की स्थिति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि तीन कृषि कानूनों की वजह से 750 से अधिक किसानों की जान गई, लेकिन सरकार ने संवेदनहीन रवैया अपनाया।

बिहार की राजनीति पर बोलते हुए खरगे ने कहा कि एनडीए में आंतरिक कलह खुलकर सामने आ चुकी है। उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार को बीजेपी ने मानसिक रूप से सेवानिवृत्त कर दिया है। अब बीजेपी उन्हें बोझ मानती है।” उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार ने विकास के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन बिहार की अर्थव्यवस्था लगातार पिछड़ती जा रही है। “डबल इंजन सरकार की बात खोखली साबित हुई है,” उन्होंने कहा।

खरगे ने कहा कि बिहार में युवाओं का बड़े पैमाने पर पलायन हो रहा है। “जब कोई युवा फर्जी भर्ती के खिलाफ आवाज उठाता है, तो पुलिस की लाठी खाता है।” उन्होंने सवाल किया कि क्या यही न्याय है?
जातिगत जनगणना के मुद्दे पर भी खरगे ने मोदी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि बिहार की 80% आबादी OBC, EBC और SC/ST वर्ग से आती है और वह पारदर्शिता चाहती है। “सरकार ने 65% आरक्षण पारित किया, लेकिन उसे संवैधानिक सुरक्षा क्यों नहीं दी जा रही?” उन्होंने पूछा।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए खरगे ने कहा कि योगी खुद को प्रधानमंत्री का उत्तराधिकारी मानते हैं। उन्होंने पहले आरक्षण के विरोध में लेख लिखे और अब जातियों के नाम पर होने वाली रैलियों पर रोक लगा रहे हैं। “जब लोग अत्याचार के खिलाफ सड़क पर उतरते हैं, तो उन्हें जेल में डालने की बात की जाती है। क्या यह लोकतंत्र है?” उन्होंने सवाल किया।

कुल मिलाकर, पटना में हुई कांग्रेस कार्यसमिति की यह बैठक ना केवल ऐतिहासिक रही, बल्कि वर्तमान राजनीतिक हालात पर कांग्रेस की रणनीति और विपक्ष के तेवरों को भी स्पष्ट रूप से सामने लाने वाली साबित हुई।

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