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Congress's major statement on the Delimitation Bill; Jairam Ramesh said

20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मॉनसून सत्र से पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के बाद कांग्रेस ने परिसीमन (Delimitation) बिल पर अपना रुख साफ कर दिया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि पार्टी इस प्रस्तावित बिल का समर्थन नहीं कर रही है और मीडिया में चल रही ऐसी खबरें पूरी तरह गलत हैं।

जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि कुछ टीवी चैनल यह दावा कर रहे हैं कि कांग्रेस ने सर्वदलीय बैठक में परिसीमन बिल का समर्थन किया है, जबकि यह पूरी तरह झूठी और मनगढ़ंत खबर है।

क्या है परिसीमन बिल?

चर्चा है कि केंद्र सरकार 20 जुलाई से शुरू होने वाले मॉनसून सत्र में परिसीमन बिल दोबारा पेश कर सकती है। इस बिल के जरिए लोकसभा और विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ाने और महिला आरक्षण से जुड़े प्रावधानों को आगे बढ़ाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इसे लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

बिल पास कराने के लिए कितना समर्थन चाहिए?

लोकसभा में फिलहाल 543 सीटें हैं, जिनमें से 3 सीटें खाली हैं। ऐसे में किसी संवैधानिक संशोधन के लिए दो-तिहाई बहुमत, यानी करीब 360 सांसदों का समर्थन जरूरी होगा।

सरकार का नंबर गेम

रिपोर्टों के अनुसार, एनडीए के पास फिलहाल 293 सांसदों का समर्थन है। वहीं कुछ अन्य दलों और सहयोगी सांसदों के समर्थन की संभावना भी जताई जा रही है। राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि यदि कुछ क्षेत्रीय दल सरकार का साथ देते हैं, तो एनडीए का आंकड़ा 350 के करीब पहुंच सकता है। हालांकि, यह सभी संभावनाएं राजनीतिक चर्चाओं और सूत्रों के हवाले से सामने आई हैं। सरकार ने अब तक यह आधिकारिक रूप से नहीं कहा है कि मॉनसून सत्र में परिसीमन बिल पेश किया जाएगा।

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By admin