पंजाब में पेपर लीक का मामला अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर भगवंत मान सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस सड़क से लेकर संसद तक विरोध प्रदर्शन कर रही है और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग कर रही है।
कांग्रेस का आरोप है कि राज्य में भर्ती परीक्षाओं में लगातार गड़बड़ियां हो रही हैं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ गया है। वहीं, आम आदमी पार्टी का कहना है कि उनकी सरकार के कार्यकाल में किसी भी परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ।
संसद परिसर में पंजाब कांग्रेस के सांसदों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष और सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि राज्य में बार-बार पेपर लीक होने से युवाओं का भरोसा परीक्षा व्यवस्था से उठ रहा है। उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। राजा वड़िंग का दावा है कि आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल में कई भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों के मामले सामने आए हैं, जिससे बड़ी संख्या में अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी फरीदकोट पहुंचे, जहां छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने छात्रों का समर्थन करते हुए कहा कि मेहनत करने वाले युवाओं के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। छात्रों की मांग है कि राज्य सरकार सख्त एंटी-पेपर लीक कानून बनाए और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
19 जुलाई 2026 को बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BFUHS) ने 454 फार्मेसी ऑफिसर पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की थी। परीक्षा के दौरान कुछ अभ्यर्थियों पर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और ब्लूटूथ तकनीक की मदद से नकल करने के आरोप लगे। इसके बाद छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया।
कांग्रेस, बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरा है। विपक्ष का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में लगातार गड़बड़ियां हो रही हैं और सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच रही है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक उसका आंदोलन जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि उनकी सरकार के कार्यकाल में किसी परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ। मुख्यमंत्री के मुताबिक, जांच में केवल हाई-टेक नकल करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है, जो ब्लूटूथ और डिजिटल उपकरणों की मदद से परीक्षा में धोखाधड़ी कर रहे थे। सरकार का दावा है कि ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। अब यह मामला केवल परीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पंजाब की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन चुका है। आने वाले दिनों में इस विवाद को लेकर सियासी हलचल और तेज होने की संभावना है।
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