CM मान ने पंजाब को आपदा प्रभावित राज्य घोषित किया
पंजाब में हाल ही में आई भारी बारिश और बाढ़ ने राज्य में तहलका मचा दिया है। पंजाब के 1,200 से अधिक गांवों में पानी घुस गया है, और लाखों लोग अपने घरों से बेघर हो गए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए पंजाब को आपदा प्रभावित राज्य घोषित कर दिया है।
इस फैसले के साथ ही सरकार ने सभी विभागों को राहत और बचाव कार्यों में युद्धस्तर पर जुटने के निर्देश दिए हैं। वही सीएम मान ने इस स्थित में एक बड़ा फैसला करते हुए सरकार ने सभी विभागों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं।
अधिकारियों और कर्मचारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए तैनात किया गया है। लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग और पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड को युद्ध स्तर पर अपनी सेवाएं बहाल रखने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य बाढ़ से प्रभावित लोगों तक मदद और राहत सामग्री जल्द से जल्द पहुंचाना है।
वही इस बाढ़ ने न केवल लोगों को प्रभावित बल्कि कृषि क्षेत्र में भी भारी नुकसान झेलना पड़ा है। लगभग 3.75 लाख एकड़ खेत बाढ़ के पानी में डूब गए हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। अनेक फसलें पूरी तरह तबाह हो गई हैं और बड़ी संख्या में मवेशी भी मर गए हैं। इससे ग्रामीण परिवारों की आजीविका पर सीधा असर पड़ा है।
पंजाब के मुख्य सचिव के.ए.पी सिन्हा ने आपदा प्रबंधन अधिनियम 2025 के तहत सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। इन आदेशों में कहा गया है कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण अपने स्तर से तत्काल निर्णय लेकर राहत और बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से अंजाम दें। अधिकारियों को सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी विभाग की लापरवाही से राहत कार्य प्रभावित न हो।
वर्तमान में भाखड़ा बांध में जल स्तर 1,678 फीट तक पहुंच गया है, जो खतरे के निशान से ऊपर है। वहीं पोंग बांध में भी जल स्तर खतरे के निशान 1,393 फीट से ऊपर बह रहा है। साथ ही हरिके और हुसैनीवाला के माध्यम से सतलुज नदी में पानी का बहाव बढ़ता जा रहा है। इन हालातों को देखते हुए भविष्य में स्थिति और खराब होने की संभावना जताई जा रही है।
बाढ़ से प्रभावित इलाकों में आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय किया गया है। सभी टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मोबाइल और लैंडलाइन कनेक्टिविटी तुरंत बहाल करें और बनाए रखें, ताकि प्रभावित लोग किसी भी आपात स्थिति में मदद के लिए संपर्क कर सकें। इसके अलावा, स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग और पानी की आपूर्ति से जुड़े विभाग भी राहत कार्यों में तैनात हैं।
आपकों बता दें कि पंजाब सरकार ने ये सुनिश्चित किया है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोग भूखे-प्यासे न रहें और उनकी सुरक्षा के लिए तात्कालिक कदम उठाए जाएं। सीएम मान ने कहा कि पंजाब इस समय दशकों की सबसे खराब बाढ़ का सामना कर रहा है।
साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूरी तत्परता के साथ राहत कार्यों में जुटी है और हर संभव मदद प्रभावित लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने सभी अधिकारियों से आग्रह किया है कि वे किसी भी प्रकार की लापरवाही न करें और समय पर निर्णय लेकर प्रभावित लोगों तक तुरंत सहायता पहुंचाएं।
गौरतलब ये है कि पंजाब में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए केंद्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) भी सहयोग के लिए तैयार है। राहत और बचाव कार्यों में केंद्र सरकार के विशेषज्ञों और संसाधनों की मदद ली जा रही है।
इसके अलावा, गैर-सरकारी संगठनों और स्वयंसेवकों की टीमें भी प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों में जुटी हैं। राज्य सरकार का कहना है कि इस आपदा से निपटने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। प्रभावित किसानों को फसल नुकसान का मुआवजा देने के लिए विशेष योजना बनाई जाएगी। साथ ही, बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए अस्थायी आवास और जरूरी सामान उपलब्ध कराया जा रहा है।
हालांकि, मौसम विभाग ने चेतावनी देते हुए कहा कि, अगले कुछ दिनों में पंजाब में और भी भारी बारिश होने की संभावना है। ऐसे में राहत और बचाव कार्यों में और अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है। सरकार ने ये सुनिश्चित किया है कि सभी अधिकारी और कर्मचारी किसी भी स्थिति में तत्पर रहें और प्रभावित लोगों को हर संभव मदद उपलब्ध कराएं।
बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में पानी का तेजी से बढ़ता स्तर चिंता का विषय बना हुआ है। प्रशासन ने कहा है कि हर जिले में आपदा नियंत्रण कक्ष सक्रिय हैं और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा रही है। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और सेना की मदद से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
पंजाब में आई इस गंभीर बाढ़ ने राज्य की राजनीति, प्रशासन और नागरिक जीवन सभी को प्रभावित किया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की आपदा प्रभावित राज्य घोषित करने की घोषणा के साथ ही राहत और बचाव कार्यों को तेज कर दिया गया है। सरकार का मुख्य उद्देश्य है कि प्रभावित लोग जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर पहुंचें और उन्हें आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए।
इस भयंकर बाढ़ ने पंजाब के किसानों, ग्रामीण परिवारों और पूरे राज्य के नागरिकों की जिंदगी को प्रभावित किया है। प्रशासन, सरकार और नागरिक समाज की सामूहिक कोशिशों के बावजूद अभी भी बाढ़ की स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। ऐसे में सभी को मिलकर राहत और बचाव कार्यों में सहयोग करना आवश्यक है ताकि इस आपदा का प्रभाव कम से कम हो।

