Nighttime Rajasthan Police Transport Scene

उदयपुर: राजस्थान के प्रमुख पर्यटन शहर उदयपुर में विदेशी नागरिकों के अवैध प्रवास को लेकर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। 19 अक्टूबर 2026 को सीआईडी की काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट को सूचना मिली थी कि गोवर्धन विलास थाना क्षेत्र स्थित होटल सिटी प्राइड में कुछ विदेशी महिलाएं बिना वैध दस्तावेजों के रह रही हैं।

सूचना के आधार पर सीआईडी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने होटल में दबिश दी। तलाशी के दौरान थाईलैंड मूल की तीन महिलाएं मिलीं, जिन्हें दस्तावेजों की जांच के बाद हिरासत में लिया गया।

यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा के सुपरविजन और विदेशी पंजीयन अधिकारी डॉ. विक्रम सिंह के नेतृत्व में की गई।

होटल के चार कमरों की तलाशी, रजिस्टर में नहीं मिली एंट्री
छापेमारी के दौरान पुलिस टीम ने होटल के कमरा नंबर 102, 103, 104 और 109 की तलाशी ली। जांच में सामने आया कि तीनों विदेशी महिलाएं होटल में ठहरी हुई थीं, लेकिन होटल के विजिटर रजिस्टर में उनके नाम दर्ज नहीं थे।

रिपोर्ट के मुताबिक, पूछताछ के दौरान होटल संचालक ने बताया कि महिलाओं से स्पा संबंधी काम कराया जा रहा था। इसके बाद पुलिस ने होटल प्रबंधन की भूमिका और विदेशी नागरिकों के ठहरने से जुड़े नियमों के पालन की जांच शुरू की।

पहले डिपोर्ट हुई महिला नेपाल के रास्ते दोबारा पहुंची भारत
इस कार्रवाई में सबसे चौंकाने वाला खुलासा एक महिला के पुराने रिकॉर्ड को लेकर हुआ।

पुलिस जांच के अनुसार, हिरासत में ली गई तीन महिलाओं में से एक को पहले भी भारत से डिपोर्ट किया जा चुका था। इसके बावजूद वह कथित तौर पर नेपाल सीमा के रास्ते अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर दोबारा उदयपुर पहुंच गई।

जांच में महिलाओं के पासपोर्ट और वीजा की वैधता समाप्त होने की बात भी सामने आई है। पुलिस अब उनके यात्रा रिकॉर्ड, भारत में प्रवेश और ठहरने की परिस्थितियों की जांच कर रही है।

होटल मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. विक्रम सिंह के अनुसार, बिना वैध दस्तावेजों के विदेशी नागरिकों का भारत में रहना सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मामला है।

होटल में विदेशी नागरिकों का रिकॉर्ड दर्ज नहीं किए जाने और संबंधित नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर संचालक के खिलाफ इमीग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 की धारा 7(2) और 29 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस तीनों महिलाओं को भारत से निष्कासित करने की कानूनी प्रक्रिया भी आगे बढ़ा रही है। हालांकि, किसी अन्य आपराधिक या राष्ट्रविरोधी गतिविधि में उनकी संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है।

उदयपुर के होटल और रिसॉर्ट संचालकों को सख्त चेतावनी
इस कार्रवाई के बाद पुलिस प्रशासन ने शहर के होटल, रिसॉर्ट, विला और अन्य आवासीय प्रतिष्ठानों को विदेशी मेहमानों के दस्तावेजों का अनिवार्य सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विदेशी नागरिकों को ठहराने से पहले उनके मूल पासपोर्ट, वीजा और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाए। साथ ही निर्धारित समय में विदेशी नागरिकों के ठहरने की सूचना संबंधित विभाग को देना भी जरूरी है।

पुलिस ने चेतावनी दी है कि नियमों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

विदेशी नागरिकों के सत्यापन पर बढ़ी सख्ती
उदयपुर में हुई इस कार्रवाई ने विदेशी नागरिकों के प्रवेश, ठहरने और होटल प्रबंधन की जिम्मेदारी से जुड़े सवाल फिर खड़े कर दिए हैं।

फिलहाल तीनों महिलाएं हिरासत में हैं और उनके निष्कासन से संबंधित कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि महिलाएं कब और किन परिस्थितियों में भारत पहुंचीं तथा होटल में कितने समय से रह रही थीं।

By Deepak Arora

दीपक अरोड़ा एक मीडिया उद्यमी, डिजिटल रणनीतिकार और लेखक हैं। "दीपक की कलम से" के माध्यम से वे राजनीति, समाज, शिक्षा, मीडिया और समसामयिक मुद्दों पर अपने विचार और विश्लेषण पाठकों तक पहुँचाते हैं। उनकी लेखनी का उद्देश्य जागरूकता, संवाद और सकारात्मक सामाजिक चिंतन को बढ़ावा देना है।