Indian Village Leader with Tricolor Hand Symbol

बाड़मेर: राजस्थान में पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच बाड़मेर जिले से दुखद घटना सामने आई है। मांगता पंचायत समिति के वार्ड संख्या 8 से कांग्रेस प्रत्याशी मोहनलाल का शव बुधवार, 21 अक्टूबर को उनके खेत में मिला। घटना के बाद परिवार और स्थानीय लोगों में शोक का माहौल है।

पुलिस के मुताबिक, मोहनलाल पुत्र पूनमाराम सदर थाना क्षेत्र के आलमजी का थान (उड़ासर) गांव के निवासी थे। बुधवार तड़के करीब चार बजे वह अपने घर से खेत की ओर निकले थे।

सुबह जब ग्रामीण खेतों की तरफ पहुंचे तो उन्होंने मोहनलाल का शव पेड़ से लटका देखा। इसकी सूचना तुरंत परिजनों और स्थानीय पुलिस को दी गई।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना अधिकारी देवीचंद ढाका पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने परिजनों की मौजूदगी में शव को नीचे उतरवाया और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की।

इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए गुड़ामालानी अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, मोहनलाल ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रही है।

22 अक्टूबर को होना था मतदान, वार्ड नंबर 8 से थे कांग्रेस उम्मीदवार
मांगता पंचायत समिति में पहले चरण का मतदान 22 अक्टूबर 2026 को निर्धारित था। मोहनलाल कांग्रेस के टिकट पर वार्ड संख्या 8 से चुनावी मैदान में थे।

इस वार्ड में तीन प्रमुख उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे थे।
– कांग्रेस: मोहनलाल
– भारतीय जनता पार्टी: भभूता राम
– राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP): ओमप्रकाश

मोहनलाल इससे पहले भी पंचायत समिति सदस्य का चुनाव लड़ चुके थे। मतदान से ठीक एक दिन पहले उनकी मौत के बाद संबंधित वार्ड में चुनाव की आगे की प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

क्या वार्ड नंबर 8 में स्थगित होगा मतदान?
कांग्रेस प्रत्याशी की मौत के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि मांगता पंचायत समिति के वार्ड नंबर 8 में निर्धारित मतदान होगा या उसे स्थगित किया जाएगा।

उम्मीदवार की मृत्यु होने की स्थिति में चुनाव संबंधी नियमों के तहत निर्वाचन अधिकारी को आगे की प्रक्रिया तय करनी होती है। हालांकि, इस मामले में मतदान स्थगित करने या नई तारीख घोषित करने की कोई आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

ऐसे में वार्ड नंबर 8 के मतदान को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग या संबंधित निर्वाचन अधिकारी के निर्णय का इंतजार है।

मौत की वजह का खुलासा होना बाकी
पुलिस के सामने फिलहाल सबसे बड़ा सवाल मोहनलाल की मौत का कारण पता लगाना है। क्या वह किसी व्यक्तिगत परेशानी से गुजर रहे थे या घटना के पीछे कोई अन्य परिस्थिति थी, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

अब तक सामने आई जानकारी में किसी सुसाइड नोट या चुनावी दबाव की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में मौत को किसी राजनीतिक विवाद से जोड़ना जल्दबाजी होगी।

पुलिस जांच और पोस्टमार्टम से जुड़ी आगे की जानकारी आने के बाद घटना की परिस्थितियां अधिक स्पष्ट हो सकेंगी।

By Deepak Arora

दीपक अरोड़ा एक मीडिया उद्यमी, डिजिटल रणनीतिकार और लेखक हैं। "दीपक की कलम से" के माध्यम से वे राजनीति, समाज, शिक्षा, मीडिया और समसामयिक मुद्दों पर अपने विचार और विश्लेषण पाठकों तक पहुँचाते हैं। उनकी लेखनी का उद्देश्य जागरूकता, संवाद और सकारात्मक सामाजिक चिंतन को बढ़ावा देना है।