स्वामी अवधेशानंद जी गिरि जी

वेदान्त दर्शन का केन्द्रीय उद्देश्य है- आत्मा और ब्रह्म के ऐक्य का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करना

वेदान्त दर्शन का केन्द्रीय उद्देश्य है - आत्मा और ब्रह्म के ऐक्य का प्रत्यक्ष अनुभव। उपनिषदों में यह उद्घोष बार-बार…

12 months ago

अच्छे विचार और ग्रन्थ: जीवन का प्रकाशस्तंभ – स्वामी अवधेशानन्द गिरि जी महाराज का प्रेरक संदेश

"अच्छे विचार और ग्रन्थ, हमारे अन्तस को प्रकाशित करते हैं।"यह वाक्य मात्र एक विचार नहीं, बल्कि एक संपूर्ण दर्शन है,…

12 months ago

मुण्डकोपनिषद् का सन्देश: कर्म की सीमा और ब्रह्मज्ञान की दिशा

लेख: प्रभुश्री की लेखनी से | दिनांक: 16 जून 2025 (सोमवार)शीर्षक श्लोक:एतेषु यश्चरते भ्राजमानेषु यथाकालं चाहुतयो ह्याददायन् ।तं नयन्त्येताः सूर्यस्य…

12 months ago

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 11 वर्षों की सेवा यात्रा: सांस्कृतिक उत्थान का एक प्रेरक अध्याय

भारत की सांस्कृतिक चेतना और सनातन मूल्यों की पुनः प्रतिष्ठा का काल खंड यदि कोई है, तो वह है वर्तमान…

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स्वामी अवधेशानंद गिरि के जीवन सूत्र: सच्ची सफलता का मार्ग

प्राकृतिक जीवन ही सच्ची सफलता की कुंजी जीवन में सफलता और समृद्धि पाने के लिए हम अक्सर भौतिक साधनों, धन…

1 year ago

मुण्डकोपनिषद् का दिव्य संदेश — अग्नि से चिंगारी तक, ब्रह्म से जगत तक

श्रीसद्गुरु आशीषवचनम् -- "प्रभुश्री की लेखनी से" -- 07 जून, 2025 (शनिवार) तदेतत् सत्यं यथा सुदीप्तात् पावकाद् विष्फुलिङ्गाः सहस्रशः प्रभवन्ते…

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Swami Avdheshananda Giri Ji Maharaj: हरिसेवा आश्रम के वार्षिकोत्सव पर हुआ “सन्त-सम्मेलन”, स्वामी अवधेशानन्द गिरि जी महाराज ने किया उद्बोधन1

Swami Avdheshananda Giri Ji Maharaj: हरिसेवा आश्रम के वार्षिकोत्सव पर हुआ "सन्त-सम्मेलन” श्रीमत्परमहंस परिव्राजकाचार्य श्रोत्रिय ब्रह्मनिष्ठ अनन्तश्रीविभूषित जूनापीठाधीश्वर आचार्यमहामण्डलेश्वर पूज्यपाद…

1 year ago