Categories: क्रिकेट

भारतीय हॉकी टीम की ‘भगवा’ जर्सी पर छिड़ा विवाद, पूर्व कप्तान ने Hockey India से पूछे तीखे सवाल

 नई दिल्ली

एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 से पहले भारतीय टीम की जर्सी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. दशकों से नीली जर्सी में खेलने वाली भारतीय हॉकी टीम अब विश्व कप में मुख्य रूप से भगवा रंग की किट पहनती नजर आएगी. हॉकी इंडिया के इस फैसले ने खेल जगत में बहस छेड़ दी है। 

सबसे ज्यादा खुलकर विरोध करने वालों में भारत के पूर्व कप्तान विरेन रासकिन्हा शामिल हैं. भारतीय हॉकी के दिग्गज खिलाड़ियों में गिने जाने वाले रासकिन्हा ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि भारतीय टीम की पहचान हमेशा नीले रंग की जर्सी रही है और इसे बदलने का कोई तर्क समझ नहीं आता। 

उन्होंने X पर लिखा, ‘मुझे ये कहना पड़ रहा है कि हॉकी इंडिया ने भारत लिए कई अच्छे काम किए हैं, लेकिन यह फैसला शर्मनाक है. भारतीय टीम की विरासत और पहचान हमेशा नीली जर्सी रही है. मैंने कई वर्षों तक गर्व के साथ नीली जर्सी पहनी है. प्रशंसक भी भारतीय टीम को नीली जर्सी में देखना चाहते हैं. आखिर नारंगी (भगवा) रंग का तर्क क्या है। 

विरेन रासकिन्हा का मानना है कि भारतीय हॉकी टीम की नीली जर्सी सिर्फ एक रंग नहीं, बल्कि दशकों से बनी उसकी पहचान और विरासत का हिस्सा है. ओलंपिक से लेकर विश्व कप और एशियाई खेलों तक भारतीय टीम को इसी रंग में दुनिया ने देखा है. ऐसे में विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से ठीक पहले जर्सी का रंग बदलने का फैसला कई पूर्व खिलाड़ियों और प्रशंसकों को हैरान कर रहा है। 

विरेन रासकिन्हा की टिप्पणी इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने भारतीय हॉकी के स्वर्णिम दौर का हिस्सा रहते हुए देश का नेतृत्व किया है. रासक्विन्हा जूनियर विश्व कप 2001 जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य रहे. इसके बाद उन्होंने सीनियर टीम की कप्तानी भी की. उन्होंने एथेंस ओलंपिक 2004, मेन्स हॉकी विश्व कप 2006 और चैम्पियंस ट्रॉफी टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व किया. उन्हें अपने दौर के सर्वश्रेष्ठ मिडफील्डर्स में गिना जाता है। 

जर्सी को लेकर विवाद जरूर छिड़ा है, लेकिन दूसरी ओर भारतीय हॉकी टीम विश्व कप की तैयारियों में पूरी तरह जुटी हुई है. मुख्य कोच क्रेग फुल्टन टीम की रणनीति, फिटनेस और मानसिक मजबूती पर लगातार काम कर रहे हैं. हाल ही में कप्तान हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई में भारतीय टीम ने स्विट्जरलैंड में पैडी अप्टन के साथ तीन दिन का विशेष प्रशिक्षण शिविर लगाया. इसके अलावा टीम पेनल्टी कॉर्नर, सेट-पीस और मैच फिटनेस पर भी खास फोकस कर रही है। 

बेल्जियम और नीदरलैंड्स में होने वाले एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 में भारतीय टीम का लक्ष्य इतिहास रचना है. भारत ने अपना आखिरी और इकलौता हॉकी विश्व कप खिताब 1975 में जीता था. यानी टीम करीब 50 साल बाद फिर से विश्व चैम्पियन बनने का सपना लेकर मैदान में उतरेगी। 

Rupesh Jha

Recent Posts

Khatu Shyam News: दीपावली से पहले खाटूश्यामजी मंदिर में बड़ा फैसला, साढ़े 19 घंटे बंद रहेंगे पट, जानें दर्शन का नया समय

Khatu Shyam Mandir Darshan Update: राजस्थान के सीकर जिले में स्थित प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर में…

21 hours ago

झुंझुनूं में दर्दनाक हादसा: करंट लगने से 8 मजदूरों की मौत, 5 घायल; PM मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान

Jhunjhunu Accident News: राजस्थान के झुंझुनूं जिले में सोमवार को सड़क निर्माण के दौरान बड़ा…

22 hours ago

IAS शिखर अग्रवाल की बढ़ीं मुश्किलें, ACB जांच के बाद कारण बताओ नोटिस जारी, 7 दिन में मांगा जवाब

जयपुर: राजस्थान के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।…

22 hours ago

फाइनल जीतने के बाद भी पाकिस्तान पर ICC का एक्शन, मैच फीस का 5% लगा जुर्माना

नई दिल्ली पाकिस्तानी टीम ने 31 अक्टूबर (शनिवार) को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेले…

24 hours ago

फाइनल जीतने के बाद भी पाकिस्तान पर ICC का एक्शन, मैच फीस का 5% लगा जुर्माना

नई दिल्ली पाकिस्तानी टीम ने 31 अक्टूबर (शनिवार) को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेले…

24 hours ago