देश

मेरठ के PAC जवान का आत्मकथा, जवान ने अधिकारियों को दी जानकारी

मेरठ के PAC जवान का आत्मकथा: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में पीएसी (प्रादेशिक आर्म्ड कांस्टेबुलरी) के एक जवान का जवाब अधिकारियों को चौंका देने वाला था। काम में लापरवाही और अनुशासनहीनता को लेकर जब जवान से स्पष्टीकरण मांगा गया, तो उसने जो जवाब दिया, उससे सब हैरान रह गए। जवान ने अधिकारियों से कहा कि, वो मानसिक तनाव और निजी समस्याओं से जूझ रहा है, जिसके कारण उसे अपनी ड्यूटी में ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई हो रही है।

जवान ने बताया कि, उसकी पत्नी से उसका झगड़ा चल रहा है और वो रात को सोते समय सपने में अपनी पत्नी को देखता है, जो उसकी छाती पर बैठ जाती है, और उसका खून पीने का प्रयास करती है। ये ही कारण है कि, वो पूरी रात ठीक से सो नहीं पाता, जिसके कारण वो ऑफिस समय पर नहीं पहुंच पाता और न ही अपने काम पर ठीक से ध्यान दे पाता है। जवान ने ये भी बताया कि, वो डिप्रेशन की दवाइयां ले रहा है, और उसकी मां भी बीमार हैं। इस सबके कारण उसकी मानसिक स्थिति नाजुक हो गई है और वो भगवान की शरण में जाना चाहता है।

सोशल मीडिया पर वायरल पत्र

ये पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद अधिकारियों ने इस मामले पर चुप्पी साध ली। अधिकारियों का कहना है कि, जवान के मामले की पूरी जांच की जा रही है और यदि जरूरत पड़ी तो उसे काउंसलिंग दी जाएगी। अगर जवान को किसी प्रकार की विभागीय सहायता की आवश्यकता होगी, तो वह भी उपलब्ध कराई जाएगी।

44वीं वाहिनी पीएसी के प्रभारी दलनायक ने जवान को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था, जिसके जवाब में जवान ने अपनी स्थिति को स्पष्ट किया। जवान के इस जवाब में एक गंभीर मानसिक समस्या का संकेत मिलता है, जिसके कारण उसे अपनी ड्यूटी पर ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई हो रही है।

मामले की जांच जारी

इस मामले में 44वीं वाहिनी पीएसी के कमांडेंट सत्येंद्र पटेल ने बताया कि, चिट्ठी वायरल हुई है और उसकी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले को गंभीरता से देखा जा रहा है और यदि जवान को काउंसलिंग की आवश्यकता पाई जाती है, तो वो शीघ्र उसे उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा, अगर उसे किसी प्रकार की विभागीय सहायता की जरूरत महसूस होती है, तो वो प्रक्रिया के तहत प्रदान की जाएगी।

ये घटना इस बात का उदाहरण बनती है कि, कैसे मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं एक व्यक्ति की कार्यक्षमता और जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती हैं। इसके साथ ही ये भी बताती है कि, संस्थाओं को अपनी कर्मचारियों की मानसिक स्थिति और स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए, ताकि वे बेहतर तरीके से अपना काम कर सकें और कोई भी मानसिक दबाव उनके प्रदर्शन को प्रभावित न करे।

यह भी पढ़े:

तेजी से होगा नाहर सिंह स्टेडियम में खेल कोर्ट बनाने का काम

‘PoK की वापसी से कश्मीर समस्या का समाधान’ पूरी दुनिया के सामने हो गया बड़ा एलान !

admin

Recent Posts

जनजातीय गांवों को ‘अंतिम’ नहीं, ‘प्रथम’ पहचान देने पर जोर।

उत्तराखंड में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने जनजातीय समाज…

8 hours ago

जनजातीय गांवों को ‘अंतिम’ नहीं, ‘प्रथम’ पहचान देने पर जोर।

उत्तराखंड में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने जनजातीय समाज…

8 hours ago

नशे के खिलाफ जंग में समाज भी निभाए जिम्मेदारी : धामी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने की लड़ाई केवल सरकार…

8 hours ago

Uttarakhand News: दलेर मेहंदी विवाद में CM धामी की एंट्री, फोन कर जाना हालचाल; बोले- उत्तराखंड में कलाकारों का सदैव होता है सम्मान….

प्रसिद्ध गायक दलेर मेहंदी के कुंजापुरी सांस्कृतिक कार्यक्रम से जुड़े विवाद को लेकर इस पर…

9 hours ago

Uttarakhand News: CM धामी ने ‘ड्रग फ्री उत्तराखण्ड वॉकथॉन’ को दिखाई हरी झंडी, युवाओं से नशामुक्त उत्तराखंड बनाने की अपील…..

देहरादून. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डॉबीआर अम्बेडकर ग्राउंड, ओएनजीसी, देहरादून में ओएनजीसी ऑफिसर्स एसोसिएशन…

9 hours ago

Uttarakhand News: देहरादून में STPI की नई इन्क्यूबेशन फैसिलिटी शुरू, IT कारोबार, स्टार्टअप और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा….

भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अंतर्गत कार्यरत सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स…

9 hours ago