Asim Munir takes charge of CDF: आसिम मुनीर ने संभाला CDF का कार्यभार
पाकिस्तान की सैन्य व्यवस्था में अब बदलाव हो गया है। फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने सोमवार को देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) के रूप में कार्यभार संभाल लिया। रावलपिंडी स्थित जनरल हेडक्वार्टर (GHQ) में आयोजित समारोह में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। यह वही स्थान है जहाँ से दशकों से पाकिस्तान की रक्षा नीति और सैन्य शक्ति का संचालन होता रहा है। इस महत्वपूर्ण क्षण में तीनों सेनाओं के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने पाकिस्तान की सैन्य संरचना में हुए इस बड़े बदलाव का गवाह बनने के साथ-साथ नए ढांचे के उद्देश्य और दिशा को भी रेखांकित किया।
अपने पहले औपचारिक संबोधन में आसिम मुनीर ने भारत और अफगानिस्तान दोनों को लेकर कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में पाकिस्तान की संप्रभुता पर हमला होता है, तो उसका जवाब अब पहले से भी अधिक तेज़, मजबूत और निर्णायक होगा। उन्होंने पड़ोसी भारत को चेतावनी देते हुए कहा कि वे किसी प्रकार की गलतफ़हमी में न रहें, क्योंकि पाकिस्तान की रक्षा क्षमताएँ लगातार आधुनिक रूप ले रही हैं और किसी भी संभावित खतरे का जवाब देने को तैयार हैं।
उन्होंने अपने भाषण में यह भी कहा कि आधुनिक युद्ध केवल पारंपरिक सीमाओं तक सीमित नहीं रह गया है। उन्होंने बताया कि साइबरस्पेस, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम, अंतरिक्ष, सूचना युद्ध, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे नए क्षेत्रों में भी युद्ध का दायरा बढ़ चुका है। ऐसे में तीनों सेनाओं का आधुनिक तकनीक और नए युद्धक सिद्धांतों के साथ तालमेल बिठाना बेहद ज़रूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान की सेनाएँ इन नई चुनौतियों को समझते हुए अपनी क्षमताएँ उन्नत कर रही हैं।
आसिम मुनीर ने ऑपरेशन सिंदूर का भी उल्लेख किया और कहा कि इस दौरान सेना के जवानों और नागरिकों ने जिस धैर्य और संकल्प का परिचय दिया, वह पाकिस्तान के सामूहिक साहस का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि चुनौतियाँ चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हों, पाकिस्तान के लोग और उनकी सेना उन्हें मिलकर पार करने की क्षमता रखते हैं।
अफगान तालिबान को चेतावनी देते हुए मुनीर ने कहा कि उन्हें पाकिस्तान तालिबान (TTP) और पाकिस्तान सरकार में से किसी एक के साथ ही रिश्ते रखने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अफगानिस्तान में सक्रिय तालिबान, पाकिस्तान में होने वाली आतंकी गतिविधियों को नजरअंदाज कर रहा है और कई बार टीटीपी के समर्थन में देखा गया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक शांतिप्रिय देश है, लेकिन सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने यह दावा भी दोहराया कि अफगान तालिबान उन समूहों का समर्थन कर रहा है जिन्हें भारत मदद करता है। पाकिस्तान लंबे समय से टीटीपी को आतंकवादी संगठन घोषित कर चुका है और उसका आरोप है कि इस संगठन को भारत की ओर से व्यापारिक और राजनीतिक समर्थन मिलता है।
पाकिस्तान सरकार ने 4 दिसंबर को आसिम मुनीर को आधिकारिक रूप से देश का पहला चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज और साथ ही चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ नियुक्त किया। इस नियुक्ति को राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी ने मंजूरी दी। इस प्रकार मुनीर पाकिस्तान के पहले सैन्य अधिकारी बन गए हैं जो एक साथ CDF और COAS दोनों पदों की जिम्मेदारी संभालेंगे।
उनकी नियुक्ति और अधिकारों को मजबूत करने के लिए 12 नवंबर को पाकिस्तान की संसद ने 27वां संवैधानिक संशोधन पारित किया, जिसमें CJCSC (चेयरमैन जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी) के पद की जगह नया CDF पद बनाया गया। CDF बनने के साथ ही मुनीर को पाकिस्तान के परमाणु हथियारों की कमान भी मिल गई, जिससे वे देश के सबसे ताकतवर शख्स बन गए हैं।
29 नवंबर 2022 को जनरल आसिम मुनीर को सेना प्रमुख नियुक्त किया गया था, जिनका मूल कार्यकाल तीन साल का था और नवंबर 2025 में समाप्त हो गया। लेकिन हालिया संवैधानिक संशोधन के बाद उनका कार्यकाल अब अगले पाँच वर्षों तक जारी रहेगा।
समारोह में उपस्थित एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्धू और नौसेना प्रमुख एडमिरल नवीन अशरफ ने नए बने डिफेंस फोर्सेज हेडक्वार्टर को ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य थलसेना, वायुसेना और नौसेना की संयुक्त क्षमताओं को एक प्लेटफॉर्म पर लाना है ताकि भविष्य के मल्टी-डोमेन ऑपरेशनों में दक्षता बढ़ाई जा सके।
मुनीर ने कहा कि मुख्यालय तीनों सेनाओं के बीच ऑपरेशनल तालमेल स्थापित करेगा, लेकिन उनकी संगठनात्मक संरचना और स्वायत्तता पहले की तरह बनी रहेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पाकिस्तान की सुरक्षा नीति अब अधिक केंद्रीकृत और समन्वित होगी, ताकि देश की रक्षा को आधुनिक वैश्विक खतरों के खिलाफ मजबूत किया जा सके।
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