गुजरात के अहमदाबाद में भारी बारिश के बाद हुई जलभराव की समस्या को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री और गांधीनगर के सांसद अमित शाह ने बड़ा भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि अगली बार जब वह लोगों के बीच वोट मांगने आएंगे, उससे पहले बोपल, घुमा, आंबली और शेला इलाकों में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कर दिया जाएगा।
अमित शाह ने कहा कि भविष्य में 30 इंच तक बारिश होने पर भी इन इलाकों की सोसायटियों में पानी नहीं भरेगा। उन्होंने यह भी माना कि नगर निगम की मौजूदा योजना और व्यवस्था में कुछ कमियां रही हैं, जिन्हें अब दूर किया जाएगा।

जुलाई की बारिश से घरों और सोसायटियों में घुसा था पानी
जुलाई महीने में अहमदाबाद में हुई भारी बारिश के कारण बोपल, घुमा, आंबली और शेला जैसे इलाकों में कई जगह पानी भर गया था। सड़कों के साथ-साथ कई सोसायटियों और घरों में भी पानी घुस गया था। लोगों को पीने के पानी की समस्या का भी सामना करना पड़ा। वहीं कुछ जगह गंदे पानी की निकासी की लाइनों का पानी उल्टा घरों की ओर आने लगा था। इस समस्या को लेकर स्थानीय लोगों और सोसायटियों में काफी नाराजगी थी।
रक्षाबंधन पर आयोजित किया गया लोक दरबार
रक्षाबंधन के मौके पर गुजरात दौरे पर आए अमित शाह ने अपने संसदीय क्षेत्र में लोगों की समस्याएं सुनने के लिए एक खास लोक दरबार आयोजित किया। इसमें बोपल, घुमा, आंबली और शेला इलाके के लोग और कई सोसायटियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। अमित शाह ने लोगों की समस्याएं सीधे सुनीं और कहा कि जुलाई में जब अहमदाबाद में भारी बारिश और जलभराव की स्थिति बनी थी, तब वह गुजरात में मौजूद नहीं थे। इसी वजह से वह उस समय लोगों के बीच नहीं पहुंच सके थे।
21 नहीं, अब 30 इंच बारिश के हिसाब से बनेगी व्यवस्था
बैठक के दौरान लोगों ने बताया कि पिछले कई दशकों में एक साथ इतनी ज्यादा बारिश नहीं हुई थी। इस बार करीब 21 इंच बारिश होने के कारण अहमदाबाद नगर निगम की मौजूदा व्यवस्था कमजोर पड़ गई। अमित शाह ने कहा कि अब भविष्य की जरूरतों को देखते हुए केवल 21 इंच नहीं, बल्कि 30 इंच तक बारिश को संभालने वाली व्यवस्था तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में इससे भी ज्यादा बारिश होती है तो उसी के हिसाब से इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत किया जाएगा।
अमित शाह ने खुद ली जिम्मेदारी
अमित शाह ने साफ कहा कि वह इस समस्या की जिम्मेदारी सांसद होने के नाते खुद लेते हैं। उन्होंने कहा कि किसी एक अधिकारी या नगर निगम पर जिम्मेदारी डालने के बजाय समस्या का स्थायी समाधान निकालना जरूरी है। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि अगली बार जब वह वोट मांगने आएंगे, उससे पहले इन इलाकों में जलभराव की समस्या को खत्म करने का काम किया जाएगा।
सोसायटियों से मांगी गईं लिखित शिकायतें
अमित शाह ने सभी सोसायटियों के चेयरमैन से अपनी समस्याएं लिखित रूप में देने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर शिकायत की समीक्षा की जाएगी और समस्या के समाधान के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गुजरात में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में लोगों की समस्याओं का समाधान करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
अमित शाह के इस आश्वासन के बाद अब लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि जलभराव की समस्या के समाधान के लिए जमीन पर कितनी जल्दी काम शुरू होता है।
