पाकिस्तान सुपर लीग 2026 (PSL) एक बार फिर विवादों में घिर गई है और इस बार लाहौर कलंदर्स टीम सीधे निशाने पर आ गई है। टीम के कप्तान शाहीन शाह आफरीदी और ऑलराउंडर सिकंदर रजा पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि उन्होंने तय सुरक्षा नियमों की अनदेखी करते हुए चार अनधिकृत लोगों को खिलाड़ियों के होटल फ्लोर तक पहुंचाया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इन लोगों को पहले ही होटल में एंट्री की अनुमति नहीं दी गई थी, यहां तक कि टीम के लायजन ऑफिसर द्वारा की गई रिक्वेस्ट भी दो बार खारिज कर दी गई थी। इसके बावजूद दोनों खिलाड़ियों ने ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों के मना करने के बावजूद उन्हें अंदर ले गए। बताया जा रहा है कि ये लोग करीब तीन घंटे तक होटल में मौजूद रहे, जिससे सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई है।
इस पूरे मामले को सुरक्षा एजेंसियों ने प्रोटोकॉल का साफ उल्लंघन बताया है और पंजाब पुलिस ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए लीग आयोजकों को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि खिलाड़ियों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने जरूरी हैं। फिलहाल लाहौर कलंदर्स की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे इस विवाद पर और सवाल खड़े हो रहे हैं।
वहीं मैच के बाद सिकंदर रजा ने सामने आकर अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को होटल में लाया गया था, वे उनके परिवार के सदस्य और करीबी दोस्त थे। रजा ने शाहीन आफरीदी को पूरी तरह क्लीन चिट देते हुए कहा कि वह सिर्फ उनकी मदद कर रहे थे और इस पूरे मामले की जिम्मेदारी उनकी खुद की है। उन्होंने यह भी कहा कि वह उन सभी लोगों को लंबे समय से जानते हैं, इसलिए उन्होंने उन्हें अंदर आने दिया।
इस विवाद के बीच पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पहले से ही सख्त रुख में नजर आ रहा है। मौजूदा हालात और सुरक्षा कारणों को देखते हुए लीग के कुछ शुरुआती मुकाबले बिना दर्शकों के यानी ‘क्लोज्ड डोर्स’ में कराए जा रहे हैं। इसके पीछे ऊर्जा बचत के साथ-साथ वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव को भी वजह बताया जा रहा है। खिलाड़ियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए होटल और स्टेडियम के बाहर पहले से ही भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। ऐसे में यह घटना लीग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है और आने वाले समय में इस पर कड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।
