ईरान और अमेरिका, इजराल के बीच जारी तनाव अब दूसरे महीने में एंट्री कर चुका है, जिससे वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है। तेल और गैस की सप्लाई बाधित होने से कई देशों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। इस हालात का असर पाकिस्तान पर भी पड़ा है, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए खाड़ी देशों पर निर्भर रहता है।
इसी बीच ईरान ने पाकिस्तान को भरोसा दिया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से उसके कुछ जहाज सुरक्षित गुजर सकते हैं, जो वैश्विक तेल सप्लाई के लिए बेहद अहम मार्ग है। इस आश्वासन के बाद पाकिस्तान ने कुवैत से डीजल और जेट ईंधन की मांग की है और जरूरत पड़ने पर अपने जहाज भेजकर सप्लाई उठाने की बात कही है, जिस पर कुवैत ने सहमति जताई है।
दरअसल, अमेरिका और इजरायल के साथ तनाव बढ़ने के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण कड़ा कर दिया है और केवल चुनिंदा देशों के जहाजों को ही वहां से गुजरने की अनुमति दी जा रही है। इससे तेल की आपूर्ति पर असर पड़ा है, क्योंकि यही रास्ता खाड़ी देशों से दुनिया के कई हिस्सों में तेल पहुंचाने का मुख्य जरिया है।
पाकिस्तान स्टेट ऑयल और कुवैत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के बीच पहले से ही तेल सप्लाई को लेकर समझौता है, लेकिन मौजूदा हालात के चलते इसमें बाधा आई थी। अब ईरान की ओर से रास्ता साफ किए जाने के बाद सप्लाई दोबारा शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है।
हाल ही में पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री ने कुवैत के राजदूत के साथ बैठक कर ऊर्जा सहयोग और क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा की। इस दौरान कुवैत की ओर से पाकिस्तान को ईंधन सप्लाई में सहयोग देने का भरोसा भी दोहराया गया है।
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