Jaipur Dhanteras 2026: राजस्थान की राजधानी जयपुर में धनतेरस पर बाजारों में जमकर धनवर्षा हुई। सोना-चांदी, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू सामान की खरीदारी से शहर में करीब 7 से 8 हजार करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान है। इस बार खरीदारी में नई पीढ़ी की पसंद भी चर्चा में रही। युवाओं ने AI फीचर वाले स्मार्ट गैजेट्स और आधुनिक घरेलू उपकरणों को प्राथमिकता दी, जबकि ऑटोमोबाइल बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ती दिखाई दी। प्रदेशभर में धनतेरस पर करीब 20 हजार करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान लगाया गया है।
जयपुर में 8 हजार करोड़ का कारोबार, राजस्थान में 20 हजार करोड़ का अनुमान
धनतेरस के मौके पर जयपुर के बाजारों में सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ देखने को मिली। ज्वेलरी शोरूम, ऑटोमोबाइल डीलरशिप, इलेक्ट्रॉनिक्स स्टोर और कपड़ों की दुकानों पर लोगों ने जमकर खरीदारी की।
फेडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एंड इंडस्ट्री (FORTI) के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल के अनुसार, धनतेरस पर राजस्थान में लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान है। इसमें राजधानी जयपुर की हिस्सेदारी करीब 35 से 40 प्रतिशत रही।
इस हिसाब से जयपुर में लगभग 7 से 8 हजार करोड़ रुपये की खरीदारी हुई। खास बात यह रही कि पारंपरिक सोने-चांदी की खरीदारी के साथ आधुनिक तकनीक वाले उत्पादों और इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग भी अच्छी रही।
जेन-जी की पहली पसंद बने AI गैजेट्स और स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स
इस धनतेरस पर इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में युवा ग्राहकों की पसंद में बदलाव देखने को मिला। नई पीढ़ी यानी जेन-जी ने सामान्य घरेलू उपकरणों के बजाय स्मार्ट टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) फीचर वाले उत्पादों में ज्यादा रुचि दिखाई।
राजस्थान व्यापार महासंघ के अध्यक्ष सुरेंद्र गुप्ता के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स और होम अप्लायंस की बिक्री में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का अनुमान है।
बाजार में बड़े स्क्रीन वाले स्मार्ट टीवी, AI फीचर वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, स्मार्ट रेफ्रिजरेटर और आधुनिक वॉशिंग मशीन की मांग रही।
युवा खरीदार अब केवल कीमत और ब्रांड के आधार पर ही नहीं, बल्कि उत्पाद की तकनीक, उपयोगिता और स्मार्ट फीचर्स को ध्यान में रखकर भी खरीदारी कर रहे हैं। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में नई तकनीक वाले उत्पादों की लोकप्रियता बढ़ती दिखाई दी।
इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ी मांग, कार बिक्री में 9% EV की हिस्सेदारी
धनतेरस पर ऑटोमोबाइल बाजार में भी जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कई ग्राहकों ने पहले से बुक कराए वाहनों की डिलीवरी शुभ मुहूर्त में ली। वाहन शोरूम में देर रात तक डिलीवरी का सिलसिला जारी रहा।
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) के राष्ट्रीय अध्यक्ष साई गिरिधर के अनुसार, धनतेरस पर कुल कार बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी लगभग 9 प्रतिशत रही। वहीं, दोपहिया वाहनों की बिक्री में इलेक्ट्रिक मॉडल की हिस्सेदारी करीब 11 प्रतिशत दर्ज की गई।
प्रदेश में धनतेरस पर लगभग 10 से 12 हजार कारों और 40 से 50 हजार दोपहिया वाहनों की बिक्री का अनुमान है।
इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि पारंपरिक पेट्रोल और डीजल वाहनों के साथ अब इलेक्ट्रिक वाहनों को भी ग्राहक तेजी से अपना रहे हैं।
सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट से सर्राफा बाजार गुलजार
धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदना शुभ माना जाता है। इस बार कीमतों में गिरावट के कारण सर्राफा बाजार में ग्राहकों का उत्साह और बढ़ गया।
सर्राफा कारोबारी भीम सिंह जैन और कैलाश मित्तल के अनुसार, राजस्थान में धनतेरस पर करीब 800 किलोग्राम सोने और 25 हजार किलोग्राम चांदी की बिक्री होने का अनुमान है।
ग्राहकों ने सोने के आभूषण, सिक्के और बिस्किट के साथ चांदी के बर्तन, मूर्तियां, सिक्के और अन्य सजावटी सामान खरीदे।
कई लोगों ने धार्मिक परंपरा के अनुसार खरीदारी की, जबकि कुछ ग्राहकों ने निवेश के उद्देश्य से सोने और चांदी को प्राथमिकता दी।
मोती डूंगरी गणेश मंदिर में पूजन के लिए पहुंचीं 1061 कारें
धनतेरस पर नए वाहन खरीदने के बाद भगवान गणेश का आशीर्वाद लेने की परंपरा भी जयपुर में देखने को मिली।
प्रसिद्ध मोती डूंगरी गणेश मंदिर में नए वाहनों की पूजा करवाने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं।
मंदिर के महंत कैलाश शर्मा के अनुसार, धनतेरस पर कुल 1061 कारें और 2 हजार से अधिक दोपहिया वाहन पूजा के लिए मंदिर पहुंचे।
वाहनों की संख्या इतनी अधिक रही कि मंदिर परिसर से लेकर जेएलएन मार्ग तक कतारें नजर आईं। कई परिवार नए वाहन खरीदने के बाद सीधे मंदिर पहुंचे और विधि-विधान से पूजा-अर्चना करवाई।
कपड़े, मिठाई और गिफ्ट आइटम की दुकानों पर भी रही भीड़
धनतेरस की खरीदारी केवल सोना-चांदी और वाहनों तक सीमित नहीं रही। जयपुर के बाजारों में कपड़े, मिठाई, ड्राई फ्रूट्स, बर्तन, सजावटी लाइट्स और गिफ्ट आइटम की दुकानों पर भी ग्राहकों की अच्छी भीड़ रही।
दिवाली की तैयारियों के चलते लोगों ने घरों की सजावट, रिश्तेदारों को उपहार देने और त्योहार से जुड़ी जरूरतों के लिए जमकर खरीदारी की।
व्यापारियों के अनुसार, त्योहारी सीजन में अलग-अलग श्रेणियों के उत्पादों की मांग बढ़ने से छोटे और बड़े दोनों तरह के कारोबारियों को फायदा होने की उम्मीद है।
दिवाली तक और बढ़ सकता है कारोबार
धनतेरस पर हुई खरीदारी से जयपुर सहित पूरे राजस्थान के व्यापारियों में उत्साह है। व्यापारिक संगठनों को उम्मीद है कि दिवाली तक बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही बनी रहेगी और कारोबार में और बढ़ोतरी हो सकती है।
इस बार के त्योहारी बाजार ने दो बड़े बदलाव भी सामने रखे हैं। पहला, युवा ग्राहक अब आधुनिक तकनीक और AI आधारित उत्पादों को प्राथमिकता दे रहे हैं। दूसरा, ऑटोमोबाइल क्षेत्र में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी बढ़ रही है।
जयपुर में करीब 8 हजार करोड़ रुपये के अनुमानित कारोबार ने एक बार फिर यह दिखाया है कि धनतेरस राजस्थान के व्यापारिक बाजार के लिए कितना महत्वपूर्ण त्योहार है।
