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Rajasthan Panchayat Election 2026: राजस्थान में पंचायतीराज चुनावों के बीच सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने बारां दौरे के दौरान तीसरे मोर्चे की संभावनाओं को खारिज करते हुए बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि राजस्थान में तीसरे मोर्चे के लिए कोई जगह नहीं है। साथ ही भाजपा कार्यकर्ताओं को चुनाव में जीत हासिल करने के लिए एकजुट होकर काम करने का संदेश दिया। राठौड़ ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए अराजकता फैलाने के आरोप लगाए।

तीसरे मोर्चे पर मदन राठौड़ का बड़ा बयान
राजस्थान की राजनीति में भाजपा और कांग्रेस के अलावा तीसरे राजनीतिक विकल्प की चर्चा के बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने स्पष्ट किया कि उन्हें प्रदेश में तीसरे मोर्चे की कोई संभावना नजर नहीं आती।

उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब बारां सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में पंचायत चुनावों को लेकर राजनीतिक समीकरण बदलते दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय स्तर पर निर्दलीय उम्मीदवार और अन्य राजनीतिक दल भी अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं।

राठौड़ के बयान को भाजपा की चुनावी रणनीति और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

पंचायत चुनाव में कार्यकर्ताओं को दिया जीत का मंत्र
बारां दौरे के दौरान मदन राठौड़ ने पार्टी कार्यकर्ताओं को चुनावी मैदान में पूरी सक्रियता के साथ उतरने का संदेश दिया। पंचायत चुनावों में भाजपा का प्रदर्शन बेहतर बनाने के लिए संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की भूमिका को अहम माना जा रहा है।

भाजपा प्रदेश नेतृत्व का जोर ग्रामीण मतदाताओं तक सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी पहुंचाने पर है। पार्टी पंचायतीराज संस्थाओं में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए स्थानीय स्तर पर जनसंपर्क बढ़ाने में जुटी है।

कांग्रेस पर अराजकता फैलाने का आरोप
मदन राठौड़ ने अपने बयान में कांग्रेस को भी निशाने पर लिया। उन्होंने विपक्षी दल पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाते हुए भाजपा की नीतियों और विकास के एजेंडे को आगे रखा।

पंचायत चुनावों के दौरान भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो रही है। दोनों दल ग्रामीण मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं।

हालांकि, कांग्रेस पर लगाए गए आरोप भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के राजनीतिक दावे हैं।

बारां में कार्यकर्ताओं से लिया चुनावी फीडबैक
गुरुवार को बारां पहुंचे मदन राठौड़ का पालता चौराहे पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने संगठन के पदाधिकारियों से चुनावी तैयारियों की जानकारी ली और स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा की।

मीडिया से बातचीत में राठौड़ ने हाड़ौती के चुनावी माहौल को सकारात्मक बताया। हालांकि, उन्होंने चुनाव परिणामों को लेकर कोई निश्चित दावा नहीं किया। उनका जोर प्रत्याशियों के समर्थन में जनसंपर्क और संगठन की सक्रियता बढ़ाने पर रहा।

कोटा में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की रैली
पंचायत चुनावों के बीच हाड़ौती क्षेत्र पर भाजपा नेतृत्व की विशेष नजर है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का शुक्रवार, 30 अक्टूबर को कोटा में प्रस्तावित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ कार्यक्रम में शामिल होने का कार्यक्रम है।

मदन राठौड़ ने भी इस कार्यक्रम में शामिल होने की बात कही है। इसे पंचायत चुनावों के बीच भाजपा के राजनीतिक अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

राठौड़ बारां के बाद अंता और किशनगंज सहित अन्य क्षेत्रों में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में जनसंपर्क करने वाले हैं।

बारां में तीसरे मोर्चे की सक्रियता से मुकाबला रोचक
एक तरफ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष तीसरे मोर्चे की संभावना से इनकार कर रहे हैं, वहीं बारां के स्थानीय चुनावी समीकरण कुछ अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं।

बारां जिला परिषद के वार्ड नंबर 7 में भाजपा, कांग्रेस और तीसरे मोर्चे के प्रत्याशियों के बीच मुकाबला चर्चा में है। यहां भाजपा से जयेश गालव, कांग्रेस से गजेंद्र सुमन और तीसरे मोर्चे से संदीप शर्मा चुनाव मैदान में हैं।

कुछ क्षेत्रों में टिकट वितरण से नाराजगी और निर्दलीय प्रत्याशियों की मौजूदगी भी चुनावी मुकाबले को प्रभावित कर सकती है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर तीसरे विकल्प की सक्रियता का अर्थ यह नहीं है कि प्रदेश की राजनीति में व्यापक तीसरा मोर्चा स्थापित हो चुका है।

अब तीसरे चरण के मतदान पर नजर
राजस्थान में जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव तीन चरणों में आयोजित किए जा रहे हैं। पहले चरण में 63 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था, जबकि दूसरे चरण का मतदान 28 अक्टूबर को हुआ।

तीसरे चरण के लिए 3 नवंबर को मतदान निर्धारित है। इसके बाद 5 नवंबर को पंच-सरपंच और 6 नवंबर को उपसरपंच पदों के चुनाव की प्रक्रिया निर्धारित है।

ऐसे में मदन राठौड़ का बारां दौरा भाजपा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब देखना होगा कि भाजपा का संगठनात्मक अभियान मतदाताओं को कितना प्रभावित करता है और क्या स्थानीय स्तर पर सक्रिय तीसरा मोर्चा चुनावी नतीजों में कोई बड़ा उलटफेर कर पाता है।

By Deepak Arora

दीपक अरोड़ा एक मीडिया उद्यमी, डिजिटल रणनीतिकार और लेखक हैं। "दीपक की कलम से" के माध्यम से वे राजनीति, समाज, शिक्षा, मीडिया और समसामयिक मुद्दों पर अपने विचार और विश्लेषण पाठकों तक पहुँचाते हैं। उनकी लेखनी का उद्देश्य जागरूकता, संवाद और सकारात्मक सामाजिक चिंतन को बढ़ावा देना है।