Rajasthan Rain Alert Stormy News Graphic

जयपुर। राजस्थान में दिवाली के बाद मौसम का मिजाज बदलने लगा है। प्रदेश के कई इलाकों में बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तर और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

शनिवार सुबह श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ में बूंदाबांदी दर्ज की गई। इससे तापमान में गिरावट आई और लोगों को हल्की ठंड का अहसास होने लगा।

मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, 24 अक्टूबर को प्रदेश के 11 जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

इन 11 जिलों में जारी हुआ येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने राजस्थान के जिन 11 जिलों में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है, उनमें शामिल हैं:
1. अलवर
2. भरतपुर
3. डीग
4. धौलपुर
5. झुंझुनूं
6. खैरथल-तिजारा
7. कोटपूतली-बहरोड़
8. सीकर
9. चूरू
10. हनुमानगढ़
11. श्रीगंगानगर

इन जिलों में कहीं-कहीं बादल गरजने के साथ बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है। तेज हवाओं की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

विशेष रूप से जयपुर, भरतपुर और बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में मौसम का असर दिखाई देने की संभावना है।

पिछले 24 घंटे में कोटपूतली में सबसे ज्यादा बारिश
राजस्थान में पिछले 24 घंटों के दौरान कई स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, कोटपूतली में सर्वाधिक 25 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई।

इसके अलावा कई अन्य इलाकों में भी बारिश दर्ज की गई।

बारिश और बादलों की आवाजाही के कारण कुछ इलाकों में तापमान में गिरावट आई है। हालांकि, पश्चिमी राजस्थान के कई हिस्सों में दिन के समय गर्मी का असर बना हुआ है।

बाड़मेर में 38.8 डिग्री तापमान, डूंगरपुर में सबसे कम 16.8 डिग्री
राजस्थान में मौसम के बदलते मिजाज के बीच तापमान में भी अंतर देखने को मिल रहा है।

मौसम विभाग के अनुसार, बाड़मेर में प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, डूंगरपुर में न्यूनतम तापमान 16.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।

एक तरफ पश्चिमी राजस्थान के कुछ जिलों में गर्मी बनी हुई है, तो दूसरी तरफ बारिश और बादलों के कारण कई क्षेत्रों में सुबह और शाम हल्की ठंड महसूस होने लगी है।

25 अक्टूबर को भी इन इलाकों में बारिश की संभावना
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के पूर्वानुमान के मुताबिक, 25 अक्टूबर को जयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ क्षेत्रों में मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश हो सकती है।

इसके बाद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले तीन से चार दिनों तक मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है।

हालांकि, मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि यह बदलाव अस्थायी हो सकता है और अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में एक बार फिर बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

29 और 30 अक्टूबर को फिर बदल सकता है मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, 29 और 30 अक्टूबर को पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है।

इस दौरान कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश, मेघगर्जन और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।

हालांकि, यह पूर्वानुमान मौसम की बदलती परिस्थितियों के अनुसार संशोधित हो सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

आकाशीय बिजली और तेज हवाओं से रहें सावधान
बारिश के साथ तेज हवाओं और आकाशीय बिजली की आशंका को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

मौसम खराब होने पर खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए। मेघगर्जन के दौरान सुरक्षित पक्के भवन में शरण लेना बेहतर है।

किसानों को भी मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी जाती है। विशेष रूप से खुले में रखी फसल और कृषि सामग्री को बारिश से सुरक्षित रखना जरूरी है।

राजस्थान में आगे कैसा रहेगा मौसम?
राजस्थान में अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। 24 और 25 अक्टूबर को कुछ जिलों में बारिश हो सकती है, जबकि इसके बाद अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।

29 और 30 अक्टूबर को पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में दोबारा बारिश होने की संभावना जताई गई है।

फिलहाल मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, 11 जिलों में रहने वाले लोगों को तेज हवाओं, मेघगर्जन और आकाशीय बिजली को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।

By Deepak Arora

दीपक अरोड़ा एक मीडिया उद्यमी, डिजिटल रणनीतिकार और लेखक हैं। "दीपक की कलम से" के माध्यम से वे राजनीति, समाज, शिक्षा, मीडिया और समसामयिक मुद्दों पर अपने विचार और विश्लेषण पाठकों तक पहुँचाते हैं। उनकी लेखनी का उद्देश्य जागरूकता, संवाद और सकारात्मक सामाजिक चिंतन को बढ़ावा देना है।