प्रेमानंद के शिष्य की पोस्टमार्टम

वृंदावन में प्रसिद्ध कथावाचक प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद कई अहम बातें सामने आई हैं। पुलिस के मुताबिक, दीपक की मौत अत्यधिक रक्तस्राव यानी ज्यादा ब्लीडिंग के कारण हुई। वहीं जांच के दौरान उनके कमरे से एक ग्राइंडर भी बरामद किया गया है और प्राइवेट पार्ट पर कटने की चोट के साक्ष्य मिले हैं। हालांकि यह चोट किस परिस्थिति में लगी और इसका मौत से क्या संबंध है, यह अभी जांच का विषय है।

आश्रम की छत से गिरने के बाद हुई मौत
मामला वृंदावन के बाराह घाट मार्ग स्थित गुरु कृपा कुंज आश्रम का है। रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे दीपक लोधी आश्रम की छत से नीचे गिर गए थे। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

वृंदावन के सीओ संदीप कुमार सिंह के अनुसार, CCTV फुटेज की शुरुआती जांच में घटना पहली नजर में आत्महत्या जैसी दिखाई दे रही है। हालांकि परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पोस्टमार्टम में क्या सामने आया?
पुलिस अधिकारी के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह अत्यधिक रक्तस्राव बताई गई है। दीपक के गिरने से शरीर पर गंभीर चोटें भी आई थीं, इसलिए पुलिस का कहना है कि यह भी जांच का विषय है कि कितना रक्तस्राव किस चोट की वजह से हुआ।

इसके अलावा पोस्टमार्टम और पुलिस जांच में प्राइवेट पार्ट पर कटने के साक्ष्य सामने आए हैं। पुलिस ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह चोट किस समय और किस परिस्थिति में लगी। इस पहलू की विशेषज्ञ जांच की जा रही है।

कमरे से मिला ग्राइंडर बना जांच का अहम हिस्सा
घटना के बाद जब पुलिस ने दीपक के कमरे की तलाशी ली तो वहां से एक ग्राइंडर बरामद हुआ। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस इस उपकरण को भी जांच का अहम हिस्सा मान रही है। ग्राइंडर पर मिले संभावित खून के निशान और प्राइवेट पार्ट पर चोट के बीच कोई संबंध है या नहीं, यह फोरेंसिक जांच से स्पष्ट होना है।

यही वजह है कि इस मामले में सिर्फ CCTV फुटेज के आधार पर पूरी तस्वीर साफ नहीं मानी जा रही है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्यों, CCTV और अन्य उपलब्ध सबूतों को जोड़कर घटना की पूरी कड़ी समझने की कोशिश कर रही है।

CCTV में दिखी दीपक की आखिरी गतिविधियां
जांच के दौरान पुलिस को आश्रम का CCTV फुटेज भी मिला है। रिपोर्ट के मुताबिक फुटेज में दीपक छत की ओर जाते दिखाई देते हैं। इसके बाद वह कुछ समय तक छत पर रहते हैं और फिर नीचे गिरते दिखाई देते हैं।

पुलिस ने CCTV रिकॉर्डिंग और DVR को जांच के लिए अपने कब्जे में लिया है। फुटेज से घटना से पहले की उनकी गतिविधियों और घटनाक्रम को समझने की कोशिश की जा रही है।

परिवार ने जताई जांच की मांग
दीपक लोधी के परिजनों ने मामले की जांच की मांग की है। उनके बहनोई सोनू पटेल के मुताबिक, परिवार को अस्पताल से घटना की जानकारी मिली थी। परिजनों ने यह भी दावा किया कि दीपक लंबे समय से आश्रम से जुड़े हुए थे और परिवार के साथ उनका संपर्क काफी कम हो गया था।

हालांकि परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस भी इन सभी पहलुओं को जांच का हिस्सा मानकर आगे बढ़ रही है।

हत्या या आत्महत्या? जांच से खुलेगा राज
फिलहाल पुलिस की शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन प्राइवेट पार्ट पर कटने की चोट और कमरे से बरामद ग्राइंडर ने मामले में कई सवाल खड़े किए हैं। पुलिस ने यह निष्कर्ष नहीं दिया है कि चोट जानबूझकर खुद लगाई गई थी या किसी अन्य परिस्थिति में लगी।

अब फोरेंसिक जांच, पोस्टमार्टम से जुड़े निष्कर्ष, CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट करने की कोशिश की जाएगी कि दीपक की मौत से पहले वास्तव में क्या हुआ था। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की अंतिम तस्वीर सामने आ सकेगी।

By Deepak Arora

दीपक अरोड़ा एक मीडिया उद्यमी, डिजिटल रणनीतिकार और लेखक हैं। "दीपक की कलम से" के माध्यम से वे राजनीति, समाज, शिक्षा, मीडिया और समसामयिक मुद्दों पर अपने विचार और विश्लेषण पाठकों तक पहुँचाते हैं। उनकी लेखनी का उद्देश्य जागरूकता, संवाद और सकारात्मक सामाजिक चिंतन को बढ़ावा देना है।