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भोपाल
 राजधानी के भोज वेटलैंड के साथ कलियासोत और केरवा डैम क्षेत्र में बढ़ते अतिक्रमण पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण यानि एनजीटी ने सख्त रुख अपनाया है. न्याय अधिकरण ने स्पष्ट कर दिया है कि, 50 मीटर एफटीएल यानि फुल टैंक लेवल के क्षेत्र में किसी भी तरह का अवैध निर्माण या कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. बता दें कि, एनजीटी ने जिला प्रशासन, एसडीएम और तहसीलदार की व्यक्तिगत जवाबदेही तय करते हुए तीन सप्ताह के भीतर कार्रवाई का शपथपत्र सहित विस्तृत प्रतिवेदन पेश करने के निर्देश दिए हैं। 

50 मीटर एफटीएल क्षेत्र में कार्रवाई तेज
एडवोकेट हर्षवर्धन तिवारी ने बताया कि, ”29 जुलाई 2026 को पारित आदेश में एनजीटी की केंद्रीय क्षेत्रीय पीठ ने भोज वेटलैंड संरक्षण से जुड़े चार मामलों की संयुक्त सुनवाई की. इस सुनवाई के दौरान बताया गया कि सात गांवों में कराए गए सर्वे में 50 मीटर एफटीएल क्षेत्र के भीतर 117 अतिक्रमण चिन्हित हुए हैं. इनमें 68 शासकीय और 49 निजी भूमि पर हैं. अब तक 45 अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं, जबकि 72 पर कार्रवाई जारी है। 

वेटलैंड संरक्षण पर सख्त निर्देश
एनजीटी ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया है कि, मामला केवल अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वेटलैंड नियमों के पालन, वैज्ञानिक सीमांकन, तालाबों में गंदे और अनुपचारित पानी के प्रवाह को रोकने तथा पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने से भी जुड़ा है. इसके साथ ही केरवा और कलियासोत डैम सहित भोपाल तालाब की वैज्ञानिक सीमा तय करने, रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के उपयोग पर नियंत्रण तथा प्रस्तावित बाटनिकल गार्डन क्षेत्र के संरक्षण के निर्देश भी दिए गए। 

कार्रवाई के लिए अफसरों की तय हुई जवाबदेही
बता दें कि, एनजीटी ने एसडीएम, तहसीलदार और जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि एफटीएल क्षेत्र, वेटलैंड नियमों और मास्टर प्लान का उल्लंघन कर बनाए गए सभी अवैध निर्माणों की सूची तैयार कर नियमानुसार कार्रवाई करें. कलेक्टर भोपाल को पुलिस विभाग के अधिकारी को समिति में शामिल करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि अतिक्रमण हटाने में पुलिस बल की कमी बाधा न बने। 

अवैध गतिविधियों पर भी सख्ती
सुनवाई के दौरान प्रशासन ने न्यायाधिकरण को बताया कि वेटलैंड क्षेत्र में अवैध मड रैली और वाहन रेसिंग करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है. इन गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए अधिकारियों की नियमित ड्यूटी भी लगाई गई है. न्यायाधिकरण ने तीन सप्ताह में अनुपालन रिपोर्ट पेश करने के निर्देश देते हुए अगली सुनवाई 31 अगस्त 2026 तय की है।