केंद्र सरकार ने पेपर लीक और परीक्षा में होने वाली धांधली के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पेपर लीक से जुड़े कानून को और सख्त बनाने वाले संशोधन बिल को मंजूरी दे दी गई है। बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीच आगे की चर्चा भी हुई। ऑर्गेनाइज्ड पेपर लीक पर 10 साल की जेल और ₹10 करोड़ जुर्माना
सूत्रों के मुताबिक, नए संशोधन बिल में पेपर लीक के संगठित अपराध (Organised Crime) से जुड़े मामलों में सजा और जुर्माने को बढ़ाने का प्रस्ताव है।इसके तहत:
दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की जेल हो सकती है। ₹10 करोड़ तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। सरकार का उद्देश्य पेपर लीक करने वाले गिरोहों और परीक्षा माफिया पर सख्त कार्रवाई करना है।
परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने की तैयारी
लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों के बाद सरकार परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने पर जोर दे रही है। नए बदलावों के जरिए ऐसे लोगों पर शिकंजा कसने की तैयारी है, जो छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हैं।
अब संसद में पेश होगा संशोधन बिल
कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब इस बिल को संसद में पेश किया जा सकता है। सरकार की कोशिश होगी कि दोनों सदनों से इसे जल्द मंजूरी मिले, ताकि पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का रास्ता साफ हो सके।
