राजधानी दिल्ली के मुंडका इंडस्ट्रियल एरिया से एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां एक फैक्ट्री के सेप्टिक टैंक में उतरने के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस (DFS) की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, लेकिन तब तक तीनों की जान जा चुकी थी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब एक व्यक्ति किसी काम के लिए सेप्टिक टैंक में उतरा। उसके बाद उसे बचाने के लिए दो अन्य लोग भी एक-एक करके टैंक के अंदर गए। टैंक में मौजूद जहरीली गैस के कारण तीनों का दम घुट गया और वे बाहर नहीं निकल सके। कुछ ही देर में तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान अरुण (38 वर्ष), संदीप (32 वर्ष) और चांद (42 वर्ष) के रूप में हुई है। घटना के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस और दिल्ली फायर सर्विस को दी।
दिल्ली फायर सर्विस के अधिकारियों के अनुसार, दोपहर 12:03 बजे कंट्रोल रूम में कॉल प्राप्त हुई, जिसमें बताया गया कि मुंडका इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक फैक्ट्री के सेप्टिक टैंक में कुछ लोग फंस गए हैं। सूचना मिलते ही दो फायर टेंडर मौके के लिए रवाना किए गए। हालांकि, रास्ते में भारी ट्रैफिक जाम होने के कारण बचाव दल को घटनास्थल तक पहुंचने में देरी हुई। इसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी लाने के लिए टिकरी मार्ग से एक अतिरिक्त फायर वाहन भी भेजा गया।
मौके पर पहुंची फायर सर्विस की टीम ने बचाव अभियान चलाकर तीनों लोगों को सेप्टिक टैंक से बाहर निकाला, लेकिन जांच के दौरान उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि टैंक के भीतर जहरीली गैस की मौजूदगी के कारण तीनों की मौत हुई है।
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि सेप्टिक टैंक में बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों और गैस जांच के कर्मचारियों को क्यों उतारा गया। साथ ही फैक्ट्री प्रबंधन की लापरवाही और सुरक्षा मानकों के पालन की भी जांच की जा रही है। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है और श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
