उत्तर भारत में अगले दो दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 11 और 12 अगस्त को दिल्ली-NCR समेत हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है।
बारिश बढ़ने की मुख्य वजह मध्य प्रदेश के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र और उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ है। इन दोनों मौसम प्रणालियों के असर से उत्तर भारत में बादल और बारिश का दौर तेज हो सकता है।
कई मौसम सिस्टम एक साथ सक्रिय
फिलहाल उत्तर भारत में एक साथ कई मौसम सिस्टम सक्रिय हैं। मॉनसून ट्रफ भी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर बनी हुई है। वहीं मध्य प्रदेश में बना कम दबाव का क्षेत्र अब उत्तर मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों की ओर बढ़ गया है। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में भी ऊपरी हवा का चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है। इसके प्रभाव से 12 अगस्त के आसपास एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। ऐसे सिस्टम मॉनसून के दौरान बारिश बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस भी एक्टिव
उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। यह पश्चिम से आने वाली मौसम प्रणाली है, जिसका असर खास तौर पर उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत में देखने को मिलता है। जब पश्चिमी विक्षोभ और मॉनसून से जुड़े कम दबाव वाले सिस्टम एक साथ सक्रिय होते हैं तो वातावरण में नमी बढ़ती है और बादल बनने की स्थिति मजबूत होती है। इससे बारिश की गतिविधियां भी बढ़ सकती हैं।
हिमाचल में भी बारिश का असर
दक्षिण-पूर्वी हिमाचल प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में भी ऊपरी हवा का चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है। इसके चलते हिमाचल प्रदेश और आसपास के पहाड़ी इलाकों में बारिश जारी रहने की संभावना है। अगर पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश होती है तो सड़क, यातायात और स्थानीय जनजीवन पर असर पड़ सकता है।
दिल्ली-NCR समेत इन राज्यों में बारिश की संभावना
अगले दो दिनों में दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है। हालांकि, सभी जगह बारिश एक जैसी नहीं होगी। कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर तेज बौछारें पड़ने की संभावना है।
