PM मोदी की अपील पर CM रेखा गुप्ता का बड़ा फैसला: “सरकारी वाहनों का इस्तेमाल होगा कम”

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और युद्ध जैसे हालातों के बीच पूरी दुनिया ऊर्जा संकट और बढ़ती ईंधन कीमतों की आशंका से जूझ रही है। ऐसे समय में पीएम नरेंद्र ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की बचत करने और ऊर्जा संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपील की है। प्रधानमंत्री की इस अपील का असर अब राज्यों में भी दिखाई देने लगा है। इसी क्रम में सीएम रेखा गुप्ता ने दिल्ली में ईंधन बचत को लेकर कई बड़े फैसले लिए हैं, जिनकी चर्चा राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में तेज हो गई है।

दिल्ली सरकार की ओर से लिए गए इन फैसलों के अनुसार अब मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक, अधिकारी और भारतीय जनता पार्टी के जनप्रतिनिधि सरकारी कामकाज के लिए सीमित वाहनों का उपयोग करेंगे। इसके साथ ही कार पूलिंग और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देने पर जोर दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि अगर जनप्रतिनिधि और अधिकारी खुद उदाहरण पेश करेंगे, तो आम जनता भी ऊर्जा संरक्षण के प्रति अधिक जागरूक होगी।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि, वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ईंधन बचाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि, दिल्ली सरकार प्रधानमंत्री की इस अपील को गंभीरता से लेते हुए विभागीय कामकाज में वाहनों की संख्या सीमित करने का निर्णय ले रही है।
रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि वो खुद और उनके सभी कैबिनेट सहयोगी, भाजपा विधायक, जनप्रतिनिधि और दिल्ली सरकार के अधिकारी आवश्यकता के अनुसार न्यूनतम वाहनों का उपयोग करेंगे। इसके अलावा सार्वजनिक परिवहन और कार पूलिंग को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि ईंधन की खपत कम हो सके।

दिल्ली सरकार का ये कदम केवल प्रशासनिक फैसला नहीं बल्कि एक संदेश भी माना जा रहा है। सरकार ये दिखाने की कोशिश कर रही है कि ऊर्जा संरक्षण केवल आम जनता की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सरकार और जनप्रतिनिधियों की भी समान भागीदारी जरूरी है। यही कारण है कि अब सरकारी कार्यक्रमों में मंत्री और अधिकारी भी मेट्रो, बस और अन्य सार्वजनिक साधनों का इस्तेमाल करते दिखाई दे सकते हैं।

इस अभियान की शुरुआत का एक उदाहरण मंगलवार को देखने को मिला, जब दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशिश सूद एक सरकारी कार्यक्रम में मेट्रो और ई-रिक्शा से पहुंचते नजर आए। शिक्षा मंत्री की ये तस्वीर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रही और इसे सरकार के नए अभियान की शुरुआत के रूप में देखा गया।

जानकारो का मानना है कि अगर दिल्ली जैसे बड़े महानगर में सरकारी स्तर पर कार पूलिंग और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलता है, तो इससे न केवल ईंधन की बचत होगी बल्कि ट्रैफिक और प्रदूषण जैसी समस्याओं में भी कमी आ सकती है। दिल्ली पहले से ही वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या से जूझ रही है। ऐसे में निजी वाहनों के कम इस्तेमाल से पर्यावरण को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

ऊर्जा संरक्षण को लेकर केंद्र और राज्य सरकारें लगातार जागरूकता अभियान चला रही हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना, मेट्रो नेटवर्क का विस्तार, सीएनजी और ई-बसों की संख्या बढ़ाना जैसे कदम भी इसी दिशा में उठाए जा रहे हैं। अब दिल्ली सरकार का ये नया फैसला इस अभियान को और मजबूती देने वाला माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्लीवासियों से भी अपील की है कि वे प्रधानमंत्री के आह्वान का पालन करें और ऊर्जा संरक्षण के इस राष्ट्रीय प्रयास में सहभागी बनें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित में हर नागरिक को ईंधन बचाने की दिशा में छोटे-छोटे प्रयास करने चाहिए।
मध्य पूर्व में जारी संकट के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है। ऐसे समय में भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए ईंधन की बचत और ऊर्जा संरक्षण बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। यही वजह है कि अब सरकारें इसे केवल आर्थिक मुद्दा नहीं बल्कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी के रूप में पेश कर रही हैं।

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By admin