हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है और इसका असर राज्य के कई जिलों में साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। पिछले 24 घंटों से पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ बिजली कड़कने की घटनाएं जारी हैं। इस बदले हुए मौसम ने जहां एक तरफ ठंडक बढ़ा दी है, वहीं दूसरी तरफ जनजीवन भी प्रभावित होने लगा है।
राजधानी शिमला में मंगलवार सुबह से ही आसमान पूरी तरह बादलों से ढका रहा। कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी भी हुई, जिससे तापमान में अचानक गिरावट दर्ज की गई। मौसम के इस बदलाव के बाद शहर में एक बार फिर हल्की सर्दी जैसा एहसास होने लगा है।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक हिमाचल में मौसम अस्थिर बना रह सकता है। चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जैसे जिलों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान मध्यम बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।
India Meteorological Department (IMD) के शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के कई हिस्सों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि 12 मई को मौसम सबसे ज्यादा खराब रह सकता है और इस दौरान तेज हवाएं व ओलावृष्टि लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पिछले 24 घंटों में चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिलों में कई स्थानों पर मध्यम बारिश के साथ बिजली गिरने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। वहीं शिमला और सिरमौर जिलों में हल्की बारिश देखने को मिली है।
12 मई को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि होने की संभावना है। सिरमौर जिले में भी 12 और 13 मई को मौसम ज्यादा खराब रहने का अनुमान लगाया गया है।
मौसम विभाग ने बताया है कि 14 से 16 मई के बीच मौसम की तीव्रता में थोड़ी कमी आने की उम्मीद है, लेकिन पहाड़ी और मध्य ऊंचाई वाले इलाकों में दोपहर और शाम के समय हल्की बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रह सकता है।
तापमान में भी लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। पूरे प्रदेश में तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस कम बना हुआ है। दिन के समय भी लोगों को ठंड का एहसास हो रहा है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी की संभावना भी बनी हुई है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। बिजली चमकने के समय खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। साथ ही किसानों को भी चेतावनी दी गई है कि वे अपनी फसलों और कटी हुई उपज को सुरक्षित स्थानों पर रखें, ताकि बारिश और तेज हवाओं से नुकसान से बचा जा सके।
