ईरान-अमेरिका के बीच दो हफ्तों का सीजफायर, पाकिस्तान नहीं इस देश ने निभाई अहम भूमिका

मिडिल ईस्ट में 40 दिनों से चल रहे भीषण युद्ध के बीच एक कुटनीतिक जीत मिली है। ईरान के खिलाफ बमबारी और हमलों के अभियान को 14 दिनों के लिए पूरी तरह से निलंबित कर दिया गया है। समझौते के तहत ईरान होर्मुज स्ट्रेट को खोलने पर तैयार हो गया है। वहीं व्हाइट हाउस ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी अभियान को ‘जीत’ करार दिया है।

बताए कि, पाकिस्तान की मध्यस्थता और ईरान के 10-सूत्रीय प्रस्ताव के बाद दोनों पक्ष द्विपक्षीय युद्धविराम पर राजी हो गए हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल असीम मुनीर के अनुरोध के बाद इस शांति प्रस्ताव को ‘काम करने लायक’ मानते हुए सैन्य अभियान रोकने का फैसला किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप ईरान की शर्तों पर झुक गए हैं।

बता दें कि, इस युद्धविराम के बाद वैश्विक बाजारों में तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे गिर गई हैं। सीजफायर का ऐलान करने हुए ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से बातचीत के बाद मैंने ईरान पर हमलों को दो सप्ताह के लिए रोकने का फैसला किया है. ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह खोलने पर सहमति जताई है, ये दो तरफा सीजफायर होगा।’

बताए कि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि चीन ने पर्दे के पीछे अहम भूमिका निभाते हुए ईरान को बातचीत के लिए राजी किया। ट्रंप ने यहां तक कहा कि उन्हें “विश्वास है” कि चीन की पहल के बिना यह सीजफायर संभव नहीं था।

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