दिल्ली के करीब 45 लाख लोगों के लिए राहत की खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रेस वार्ता में बताया कि अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी इसे लाखों लोगों के लिए सम्मान और अधिकार से जुड़ा बड़ा कदम बताया।
सीएम के अनुसार, वर्षों से लंबित इस समस्या का अब समाधान निकल रहा है, जिससे लोगों को अपने ही घरों पर कानूनी अधिकार मिलने का रास्ता साफ होगा। उन्होंने इस पहल का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देते हुए कहा कि उनके विजन के तहत पीएम उदय योजना को आगे बढ़ाया गया, जिसके चलते 1731 में से 1511 कॉलोनियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
सरकार ने जानकारी दी कि 24 अप्रैल से आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी और इसे तय समयसीमा में पूरा किया जाएगा। इसके तहत 7 दिन में GIS सर्वे, 15 दिन में आवेदन की कमियां दूर करने और 45 दिन के भीतर कन्वेयंस डीड जारी करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि लोगों को बिना देरी उनका हक मिल सके।
साथ ही, इस प्रक्रिया में आने वाली 22 बड़ी बाधाओं को दूर किया गया है और 20 वर्गमीटर तक की छोटी दुकानों को भी शर्तों के साथ नियमित करने का प्रावधान किया गया है, जिससे छोटे व्यापारियों को राहत मिलेगी। इसके अलावा, ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) नीति के तहत मेट्रो और आरआरटीएस कॉरिडोर के आसपास 500 मीटर के दायरे में बड़े स्तर पर योजनाबद्ध और मिश्रित उपयोग वाले विकास को बढ़ावा देने की योजना भी बनाई गई है।
