मिडल ईस्ट में युद्ध जैसे हालातों और वैश्विक संकट के बीच भारत में भी राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्र और राज्य सरकारें हालात को सामान्य बनाए रखने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा। कांग्रेस पेट्रोल-डीजल और गैस की बढ़ती कीमतों समेत वैश्विक हालात को लेकर केंद्र सरकार पर हमलावर है, जबकि भाजपा विपक्ष को “संकट के समय राजनीति न करने” की सलाह दे रही है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि विपक्ष के नेताओं के बयानों में राष्ट्रहित की भावना नहीं दिखती। उन्होंने कहा कि देश इस समय वैश्विक चुनौतियों का सामना कर रहा है, ऐसे में विपक्ष को जिम्मेदारी दिखानी चाहिए, लेकिन वे लगातार देश की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं। राठौड़ ने कहा कि भाजपा पर राष्ट्रभक्ति थोपने के आरोप गलत हैं और जो लोग पाकिस्तान जैसे दुश्मन देश के खिलाफ सख्त भाषा पर भी आपत्ति जताते हैं, उन्हें देशभक्ति का पाठ नहीं पढ़ाना चाहिए।
राठौड़ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश में संकट और अभाव का माहौल बनाकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है और भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनाम करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष में सच्ची राष्ट्रभक्ति होती तो वह आलोचना के साथ-साथ सुझाव भी देता। राठौड़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी वजह से भारत की वैश्विक स्थिति मजबूत हुई है और देश को अंतरराष्ट्रीय सहयोग मिल रहा है।
अशोक गहलोत की आलोचना करते हुए राठौड़ ने कहा कि गहलोत खुद अपने बेटे वैभव गहलोत को राजनीति में आगे बढ़ाने की कोशिश करते रहे, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज भी परिवारवाद से बाहर नहीं निकल पाई है और यही उसकी सबसे बड़ी कमजोरी है।
