महज 34 साल की उम्र में स्टेज-2 ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को मात देना, इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास की एक मिसाल पेश करता है… क्योंकि, कैंसर के ईलाज में कीमोथेरेपी का दर्द, थकान और कमजोरी किसी भी व्यक्ति को पूरी तरह तोड़ सकती है… लेकिन फरीदाबाद की कथक डांसर प्रोमा मुखर्जी ने इस दर्द को भी अपनी ताकत बना लिया… ये ही वजह थी कि, कीमोथेरेपी की दौरान कथक की परफॉर्मेंस का सिलसिला चलता रहा… प्रोमा ने ये साबित कर दिया कि हौसले के आगे कैंसर जैसी गंभीर बीमारी भी हार मान सकती है… कैंसर को मात देने वाली प्रोमा मुखर्जी की कहानी देखिए हमारे खास शो “निशब्द” में… सिर्फ चैनल 4 न्यूज इंडिया पर….
