BHARAT TAXI: एक नए युग की शुरुआत, 500 रुपये में बनेंगे को-ऑनर
आपने ओला, उबर और रैपिडो जैसे प्राइवेट कैब कंपनियों के बारे में तो सुना होगा…. लेकिन, इन कंपनियों को टक्कर देने के लिए मैदान में आ गई है भारत टैक्सी….जिसकी शुरुआत केंद्रीय सहकारी मंत्री अमित शाह ने भारत टैक्सी की औपचारिक रूप से कर दी है, और साथ ही इसका बिजनेस मॉडल भी पेश कर दिया है…. भारत टैक्सी से जुड़ने वाले कैब ड्राइवरों को को-ऑनर बनने का मौका मिलेगा और कुल कमाई में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी भी उन्हीं की होगी…. भारत टैक्सी के बिजनेस मॉडल पर नजर डालें तो पता चलता है कि, इसमें सिर्फ 500 रुपये का निवेश करके कोई भी कैब ड्राइवर को-ऑनर बन सकता है….
इसी कड़ी में गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में “भारत टैक्सी” के चालकों से मुलाकात कर बातचीत की…..और साफ किया कि, इस पहल का मुख्य उद्देश्य बिचौलियों को हटाकर सीधे उन लोगों को लाभ पहुंचाना है जो दिन-रात सड़कों पर पसीना बहाते हैं…. सहकारिता मंत्री अमित शाह ने निजी कैब एग्रीगेटर्स की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि बड़ी कंपनियों का उद्देश्य केवल अपने मालिकों को अमीर बनाना होता है. उन्होंने जोर देकर कहा, “हमारी सोच यह है कि मेहनत जो कर रहा है, फायदा भी उसी को मिलना चाहिए. किसी अमीर को नहीं. निजी कंपनियों में आपकी कमाई का 30% हिस्सा कट जाता था और कोई निश्चितता नहीं थी. भारत टैक्सी का उद्देश्य भी मालिकों को अमीर बनाना है, बस फर्क इतना है कि यहां मालिक आप हैं.”

इसके साथ ही भविष्य के आर्थिक लाभ को समझाते हुए गृह मंत्री ने एक पारदर्शी खाका पेश किया… ड्राइवरों को केवल 500 रुपये का निवेश करना होगा. ड्राइवरों को उनकी सेवाओं के लिए तत्काल और निश्चित किराया मिलता रहेगा. 3 साल के बाद, कंपनी के मुनाफे का एक बड़ा हिस्सा ड्राइवरों में बांटा जाएगा…. गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि, अगर भारत टैक्सी 25 करोड़ रुपये कमाती है, तो इस 25 करोड़ का 20% यानी 5 करोड़ रुपये भारत टैक्सी के खाते में आपकी पूंजी के रूप में जमा होगा, और 80% आपकी टैक्सी ने कितने किलोमीटर चलाए, उसके आधार पर आपके खाते में वापस आएगा… अभी तो आपको निश्चित किराया मिलने वाला है…. लेकिन आप मालिक हैं, तो आपको मुनाफे में भी हिस्सा मिलना चाहिए… ये हिस्सा आपको मिलेगा, लेकिन पहले तीन साल धैर्य रखना होगा….
“भारत टैक्सी” सेवा एक फायदे अनेक:-
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सिर्फ 500 रुपये में बनेंगे कैब मालिक
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3 साल में हर नगर निगम तक विस्तार
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पारदर्शी और न्यूनतम दर पर आधारित मॉडल
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कर्ज और वित्तीय मदद भी देगी भारत टैक्सी
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सारथी दीदी सुविधा से महिलाएं होंगी सशक्त
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भारत टैक्सी की शिकायतों के लिए अलग विंडो
“भारत टैक्सी” एक महत्वाकांक्षी परियोजना है और जिसके रास्ते में कुछ चुनौतियां आ सकती हैं। इनमें चालकों को नई तकनीक से अवगत कराना, डिजिटल साक्षरता बढ़ाना, विभिन्न राज्यों में समान नियमों को लागू करना और बिचौलियों की भूमिका को कम करना शामिल है। हालांकि, सरकार की प्रतिबद्धता और टैक्सी चालकों के सहयोग से इन चुनौतियों का सामना किया जा सकता है।

“भारत टैक्सी” का शुभारंभ भारतीय परिवहन क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है… ये पहल न केवल यात्रियों को बेहतर सेवाएं प्रदान करेगी, बल्कि ये लाखों टैक्सी चालकों के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव लाएगी। गृह मंत्री अमित शाह का चालकों के साथ संवाद इस प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि, सरकार एक समावेशी और सहभागी दृष्टिकोण के साथ इस परियोजना को सफल बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित है। जैसे-जैसे “भारत टैक्सी” अपनी यात्रा शुरू करती है, ये देश के कोने-कोने में कनेक्टिविटी, सुविधा और सशक्तिकरण का एक नया अध्याय लिखने के लिए तैयार है।

