Rajasthan Budget 2026: जानिए किसे क्या मिला?
राजस्थान विधानसभा में वित्त मंत्री दीया कुमारी ने 2026-27 का ऐतिहासिक बजट पेश कर राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लिया। 21.52 लाख करोड़ रुपये का यह बजट पिछले वर्ष से 41.39 प्रतिशत अधिक है। तीन घंटे के विस्तृत भाषण में किसानों, महिलाओं, युवाओं, कर्मचारियों और छात्रों के लिए क्रांतिकारी प्रावधान किए गए। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इसे ऐतिहासिक बताते हुए वित्त मंत्री का मुंह लड्डू खिलाकर मीठा किया।
बजट का समग्र दृष्टिकोण
यह बजट विकास, निवेश, पर्यावरण और कृषि पर केंद्रित है। पूंजीगत व्यय के लिए एक लाख करोड़ रुपये आवंटित कर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाएगा। 42,000 किलोमीटर सड़क नेटवर्क का विस्तार राज्य की कनेक्टिविटी को नई दिशा देगा। पहली बार ‘स्टेट गवर्नमेंट सिक्योरिटी स्विचिंग’ प्रक्रिया से पुराने कर्ज का बोझ कम होगा, जिससे वित्तीय अनुशासन मजबूत बनेगा। निवेशकों हेतु ‘वन एप्लीकेशन, वन डिजिटल ट्रैक’ सिस्टम से सभी मंजूरियां एक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी। कम जोखिम वाले उद्योगों में फिजिकल इंस्पेक्शन समाप्त कर व्यापार आसान होगा।
युवा व शिक्षा सशक्तिकरण
युवाओं के लिए चार लाख नौकरियों का रोडमैप तैयार किया गया, जो बेरोजगारी की समस्या से निपटेगा। 10वीं-12वीं के मेधावी छात्रों को टैबलेट या लैपटॉप खरीदने हेतु 20,000 रुपये का ई-वाउचर प्रदान किया जाएगा। यह डिजिटल इंडिया की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जो आने वाली पीढ़ी को तकनीकी रूप से सक्षम बनाएगा। स्किल सेंटर्स और स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देकर उद्यमिता को प्रोत्साहित किया जाएगा।
कृषि क्रांति के कदम
35 लाख किसानों को 25,000 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध होगा, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देगा। 4,000 किसानों हेतु ग्रीनहाउस-पॉलीहाउस के लिए 200 करोड़ का अनुदान फसल विविधीकरण को बढ़ावा देगा। आधुनिक कृषि तकनीक, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग पर जोर देकर किसानों को उत्पादक से प्रोसेसर बनाने का लक्ष्य है। शेखावाटी क्षेत्र के लिए 32,000 करोड़ की यमुना जल परियोजना हथिनीकुंड बैराज से पानी लाकर सूखाग्रस्त इलाकों को राहत पहुंचाएगी। गेहूं पर अतिरिक्त बोनस और दूध उत्पादकों के लिए 700 करोड़ का प्रावधान आय में वृद्धि सुनिश्चित करेगा।
महिला और स्वास्थ्य कल्याण
महिला सशक्तिकरण हेतु ‘लखपति दीदी’ योजना में लोन सीमा 1.5 लाख रुपये की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में वूमेन BPO स्थापित होंगे। आंगनबाड़ी केंद्रों को ‘नंद घर’ में रूपांतरित कर बिजली कनेक्शन व AI-आधारित लाइव मॉनिटरिंग शुरू होगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में ‘राज सुरक्षा’ योजना सड़क दुर्घटना पीड़ितों को बिना दस्तावेज मुफ्त इलाज देगी। CHC स्तर पर हार्ट अटैक पहचान, गोल्डन ऑवर मैनेजमेंट, नई ट्रॉमा पॉलिसी, CPR ट्रेनिंग अनिवार्य व 250 नई एम्बुलेंस से आपात सेवाएं मजबूत होंगी। सरकारी अस्पतालों में मृत्यु पर शव को घर तक मुफ्त पहुंचाने की सुविधा जीवन की गरिमा बढ़ाएगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यावरण संरक्षण
ई-रजिस्ट्रेशन से घर बैठे संपत्ति रजिस्ट्रेशन संभव होगा। 106 उप-पंजीयन कार्यालय मॉडल बनेंगे, अपील निस्तारण 60 दिनों में अनिवार्य। अन्य राज्यों के वाहनों पर रजिस्ट्रेशन टैक्स में 50% छूट निवेश आकर्षित करेगी। 250 EV चार्जिंग स्टेशन व 60 CNG स्टेशन से स्वच्छ ऊर्जा क्रांति आएगी। GSI सहयोग से हाई-टेक खनिज कोर लाइब्रेरी खनन अन्वेषण को गति देगी। अरावली के 4,000 हेक्टेयर क्षेत्र का कायाकल्प, अवैध खनन रोकथाम हेतु सुरक्षा दीवारें व स्थानीय प्रजाति रोपण से इको-टूरिज्म फलेगा। अगले वर्ष 10 करोड़ पौधरोपण जलवायु संरक्षण का संदेश देगा। मध्यम वर्ग को स्टांप ड्यूटी व लोन रजिस्ट्री में छूट से आर्थिक बोझ कम होगा।
प्रमुख प्रावधानों का सारांश
क्षेत्र मुख्य घोषणा प्रभाव
युवा 4 लाख नौकरियां, ई-वाउचर डिजिटल रोजगार
कृषि 25,000 करोड़ ऋण, यमुना परियोजना आय वृद्धि
महिला लखपति दीदी, वूमेन BPO आर्थिक स्वावलंबन
स्वास्थ्य राज सुरक्षा, 250 एम्बुलेंस आपात सहायता
पर्यावरण 10 करोड़ पौधे, EV/CNG हरा राजस्थान
इंफ्रा 42,000 किमी सड़कें, ई-रजिस्ट्रेशन तेज विकास
विपक्ष और सरकार का पक्ष
विपक्ष ने बजट को ‘नाम बदलने वाली सरकार’ का दस्तावेज कहा। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली व गोविंद सिंह डोटासरा ने युवा-कर्मचारी उपेक्षा व पुरानी योजनाओं के रीब्रांडिंग पर तंज कसा। इसे संवेदनहीन बताया। वहीं, मुख्यमंत्री शर्मा ने ‘सर्व सुखाय-सर्व हिताय’ का मंत्र दोहराते हुए समावेशी विकास का आश्वासन दिया। सांसद सीपी जोशी ने इसे आत्मनिर्भर राजस्थान का ब्लूप्रिंट करार दिया।
यह बजट परंपरा व आधुनिकता का संगम है, जो राजस्थान को आर्थिक शक्ति बनाकर 2028 चुनावों से पूर्व नई इबारत लिखेगा। समृद्धि, समानता व स्थिरता का प्रतीक बन यह दस्तावेज राजस्थानियों के सपनों को साकार करेगा।

