Indian Army Chief: इंडियन आर्मी चीफ की पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी
भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी है और स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की हरकत करने पर भारतीय सेना माकूल जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। जनरल द्विवेदी ने बताया कि 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 31 आतंकवादी मारे गए, जिनमें लगभग 65 प्रतिशत पाकिस्तानी थे। आर्मी चीफ ने कहा कि नॉर्दर्न फ्रंट की स्थिति फिलहाल स्थिर है, लेकिन लगातार निगरानी और सतर्कता बनाए रखना आवश्यक है।
जनरल द्विवेदी ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देशभक्ति की झलक और मीडिया में इस अभियान को लेकर जो उत्साह दिखा, उस पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पहली बार कोर कमांडरों को इमरजेंसी प्रोक्योरमेंट पावर दी गई है, जिससे सीमाओं पर आवश्यक हथियार और संसाधनों की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। इस कदम को भारतीय सेना की रणनीतिक तैयारी और तत्परता का संकेत माना जा रहा है।
आर्मी चीफ ने देशवासियों को आश्वस्त किया कि भारतीय सेना हर परिस्थिति में सजग, सबल और संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा कि सेना में रीस्ट्रक्चरिंग की प्रक्रिया लगातार जारी है। इस दिशा में रूद्र ब्रिगेड, भैरव बटालियन, शक्तिबाण रेजिमेंट और अग्नि प्लाटून जैसी नई इकाइयां बनाई गई हैं। इसके अलावा, भारतीय सेना हमेशा थिएटराइजेशन की रणनीति पर कमिटेड रही है, जिससे हर मोर्चे पर संचालन की क्षमता बढ़ती है।
जनरल द्विवेदी ने जम्मू-कश्मीर में स्थिति का भी जायजा लिया। उन्होंने कहा कि हालाँकि क्षेत्र संवेदनशील है, लेकिन पूरी तरह कंट्रोल में है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दोनों देशों की तरफ से जो फॉरवर्ड मूवमेंट हुए थे, उन्हें धीरे-धीरे कम किया गया। हालांकि भारतीय सेना ने अपनी निगरानी और सतर्कता बनाए रखी है। आर्मी चीफ ने बताया कि अभी भी कुल 8 आतंकवादी कैंप सक्रिय हैं, जिनमें से दो IB के पास और छह LoC के पास स्थित हैं। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के साथ डीजीएमओ स्तर की बातचीत में न्यूक्लियर मुद्दा नहीं उठा।
आर्मी चीफ ने यह भी बताया कि ड्रोन का इस्तेमाल पहले भी किया जा रहा था, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के बाद इसकी कार्रवाई और तेज कर दी गई। उन्होंने कहा कि यह तकनीक सीमाओं पर आतंकवादी गतिविधियों पर नजर रखने और त्वरित कार्रवाई करने में बेहद प्रभावी साबित हुई है। जनरल द्विवेदी ने पाकिस्तान को स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर किसी भी तरह की हरकत की गई तो भारतीय सेना माकूल जवाब देने में पीछे नहीं रहेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर समाप्त नहीं हुआ है और नॉर्दर्न फ्रंट की स्थिति स्थिर है, लेकिन उसकी लगातार निगरानी और तैयारी बनाए रखना आवश्यक है। आर्मी चीफ ने यह संकेत भी दिया कि भारत सीमाओं पर अपनी संपूर्ण तैयारी और रणनीतिक बढ़त को बनाए रखने के लिए लगातार प्रयासरत है।
सेना प्रमुख ने देशवासियों को यह भरोसा भी दिलाया कि भारतीय सेना किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए संपूर्ण क्षमता और मजबूती के साथ तैयार है। उन्होंने कहा कि सेना में हुए रीस्ट्रक्चरिंग और नई यूनिटों की स्थापना से न केवल संचालन की क्षमता बढ़ी है, बल्कि मोर्चे पर रणनीतिक लचीलापन भी सुनिश्चित हुआ है।
जनरल द्विवेदी ने आतंकवाद और सीमा पार की गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए भारतीय सेना की तत्परता को भी उजागर किया। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आतंकियों की संख्या में कमी आई है, लेकिन अभी भी सक्रिय कैंप मौजूद हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय सेना सीमाओं पर हमेशा सतर्क, सजग और सबल रहेगी।
आर्मी चीफ ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जो कदम उठाए गए, वे न केवल सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक थे, बल्कि इसने सेना की रणनीतिक तैयारी और सीमाओं की मजबूती को भी साबित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की आक्रमक या उकसाने वाली हरकत पर सेना तुरंत और सटीक जवाब देने में सक्षम है।
उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य अभियान नहीं है, बल्कि यह भारतीय सेना की संकल्पबद्धता, देशभक्ति और सुरक्षा के प्रति सजगता का प्रतीक भी है। उन्होंने भारतीय जनता और मीडिया को आश्वस्त किया कि सेना अपनी हर जिम्मेदारी निभाने के लिए पूरी तरह तत्पर है और सीमाओं पर किसी भी तरह की किसी भी खतरे की स्थिति में जवाब देने में पीछे नहीं रहेगी।

