Questions about the state government: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का MP सरकार पर हमलाQuestions about the state government: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का MP सरकार पर हमला

Questions about the state government: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का MP सरकार पर हमला

 

मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से 10 लोगों की मौत और सैकड़ों लोगों के बीमार पड़ने की घटना ने राज्य की राजनीति में उबाल ला दिया है। यह मामला अब सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी का केंद्र बन गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के बाद अब भाजपा की वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने भी प्रदेश सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

 

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर मध्य प्रदेश सरकार और प्रशासन को सीधे तौर पर कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने लिखा कि इंदौर में पानी नहीं, बल्कि जहर बांटा गया और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में सोता रहा। राहुल गांधी ने कहा कि इस घटना के बाद घर-घर मातम पसरा हुआ है, गरीब और कमजोर लोग बेबस हैं, लेकिन इसके बावजूद सत्ताधारी दल के नेताओं के अहंकारी बयान सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के घरों में चूल्हा बुझ गया है, उन्हें सांत्वना की जरूरत थी, लेकिन सरकार ने घमंड परोस दिया।

 

राहुल गांधी ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि स्थानीय लोगों ने बार-बार गंदे और बदबूदार पानी की शिकायत की थी, इसके बावजूद समय रहते कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने पूछा कि सीवर का पानी पीने की सप्लाई में कैसे मिला और जैसे ही समस्या सामने आई, तुरंत जलापूर्ति बंद क्यों नहीं की गई। राहुल गांधी ने यह भी सवाल किया कि इस पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और नेताओं पर कार्रवाई कब होगी।

 

उन्होंने स्पष्ट किया कि ये सवाल राजनीति के लिए नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने के लिए हैं। राहुल गांधी ने कहा कि साफ पानी कोई एहसान नहीं, बल्कि हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। इस अधिकार की हत्या के लिए उन्होंने बीजेपी के ‘डबल इंजन’ शासन, लापरवाह प्रशासन और संवेदनहीन नेतृत्व को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया।

 

उन्होंने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश अब कुप्रशासन का एपिसेंटर बन चुका है, जहां कभी खांसी की सिरप से मौतें होती हैं, कभी सरकारी अस्पताल में बच्चों की जान चूहों के कारण चली जाती है और अब सीवर मिला पानी पीकर लोगों की मौत हो रही है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाया।

 

इस बीच भाजपा की वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने भी सोशल मीडिया पर अपनी ही सरकार से तीखे सवाल किए हैं। उमा भारती ने पोस्ट में लिखा कि साल 2025 के अंत में इंदौर में गंदा पानी पीने से हुई मौतों ने प्रदेश, सरकार और पूरी व्यवस्था को शर्मिंदा और कलंकित कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह घटना प्रदेश की प्रशासनिक और नैतिक विफलता को उजागर करती है।

 

उमा भारती ने इस बात पर खास जोर दिया कि इंदौर देश के सबसे स्वच्छ शहरों में गिना जाता है और उसे स्वच्छता के लिए कई बार पुरस्कार मिल चुके हैं। इसके बावजूद वहां इस तरह की गंदगी, बदसूरती और जहर मिला पानी लोगों की जिंदगियां निगल रहा है। उन्होंने कहा कि मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है, जो बेहद चिंता का विषय है।

 

पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार द्वारा मृतकों के परिजनों को दी जा रही आर्थिक सहायता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिंदगी की कीमत दो लाख रुपये नहीं होती, क्योंकि जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, वे जीवन भर इस दुख से उबर नहीं पाएंगे। उमा भारती ने इस घटना को पाप करार देते हुए कहा कि इसका घोर प्रायश्चित करना होगा। पीड़ित परिवारों से माफी मांगनी होगी और नीचे से लेकर ऊपर तक जो भी दोषी हैं, उन्हें अधिकतम दंड दिया जाना चाहिए।

 

उमा भारती ने इस पूरे मामले को मुख्यमंत्री मोहन यादव के लिए परीक्षा की घड़ी बताया। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि इंदौर दूषित पानी मामले में कुछ लोग यह कह रहे हैं कि उनकी नहीं चली। उन्होंने तीखा सवाल किया कि जब आपकी नहीं चली, तो आप पद पर बैठे-बैठे बिसलेरी का पानी क्यों पीते रहे। उन्होंने पूछा कि जिम्मेदार लोग जनता के बीच जाकर उनकी तकलीफ क्यों नहीं समझ पाए और पद छोड़कर जमीन पर क्यों नहीं उतरे।

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