RSS lessons in Delhi schools!: अब दिल्ली के स्कूलों में पढ़ाया जाएगा RSS का पाठ !RSS lessons in Delhi schools!: अब दिल्ली के स्कूलों में पढ़ाया जाएगा RSS का पाठ !

RSS lessons in Delhi schools!: अब दिल्ली के स्कूलों में पढ़ाया जाएगा RSS का पाठ !

दिल्ली के सरकारी स्कूलों में अब छात्रों को राष्ट्र निर्माण की दिशा में किए गए सामाजिक और ऐतिहासिक प्रयासों के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी। शिक्षा विभाग ने इसके लिए एक नया पाठ्यक्रम “राष्ट्रनीति” शुरू किया है, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और स्वतंत्रता आंदोलन के नायकों के योगदान को शामिल किया जा रहा है

राजधानी दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि, ये पहल नई पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण से जुड़ी विचारधाराओं और संगठनों के सामाजिक कार्यों से अवगत कराने के इरादे से शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि, इस पाठ्यक्रम में संघ की स्थापना से लेकर देश सेवा में उसकी भूमिका तक की जानकारी दी जाएगी, ताकि छात्र सामाजिक चेतना और नागरिक कर्तव्यों के महत्त्व को बेहतर ढंग से समझ सकें।

शिक्षा निदेशालय के अनुसार, “राष्ट्रनीति” के अंतर्गत बच्चों को 1925 में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा नागपुर में स्थापित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इतिहास से अवगत कराया जाएगा। इसमें संघ की विचारधारा, अनुशासन, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे विषयों पर भी अध्याय होंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल इतिहास बताना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में देशभक्ति, सह-अस्तित्व और समाज के प्रति दायित्व की भावना विकसित करना है

पाठ्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम और आधुनिक भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले नेताओं वीर सावरकर, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, सरदार वल्लभभाई पटेल और नेताजी सुभाषचंद्र बोस पर भी विशेष अध्याय जोड़े गए हैं। इसके साथ ही सांस्कृतिक पुनर्जागरण और राष्ट्र चेतना के विकास में इन नेताओं के योगदान को प्रस्तुत किया जाएगा।

“राष्ट्रनीति” में केवल संगठनात्मक इतिहास नहीं, बल्कि संघ के सामाजिक प्रयासों को भी प्रमुखता दी जा रही है। इसमें बाढ़ और भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान स्वयंसेवकों द्वारा किए गए राहत कार्य, कोविड-19 महामारी के समय भोजन और औषधि आपूर्ति, रक्तदान शिविरों के आयोजन और अन्य मानवीय सहायता कार्यक्रमों का उल्लेख शामिल होगा। शिक्षा मंत्री सूद के अनुसार, ये अध्याय छात्रों को “सेवा ही सर्वोपरि” के सिद्धांत का व्यावहारिक संदेश देंगे।

शिक्षा विभाग ने इसके लिए शिक्षक पुस्तिकाएं तैयार कर ली हैं, जबकि SCERT में शिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा है ताकि अध्यायों को संतुलित और प्रभावी ढंग से पढ़ाया जा सके। हालांकि, फिलहाल ये तय नहीं हुआ है कि, ये नया विषय किन-किन कक्षाओं में शामिल किया जाएगा। विभागीय सूत्रों का कहना है कि पहले चरण में इसे माध्यमिक स्तर की कक्षाओं में लागू करने की योजना है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पाठ्यक्रम में संगठन से जुड़े प्रमुख नेताओं जैसे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी उल्लेख होगा, जो संघ की विचारधारा से प्रेरित रहे हैं। इस पाठ्यक्रम का एक उद्देश्य ये भी बताया गया है कि बच्चों में संगठन के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर किया जाए और इसके राष्ट्रीय, सांस्कृतिक और सामाजिक योगदान की व्यापक समझ विकसित की जाए।

शिक्षा विभाग का मानना है कि छात्रों को केवल घटनाओं तक सीमित न रखकर उनके सामाजिक और मानवीय पहलुओं से जोड़ना आवश्यक है। इसी विचार के तहत “राष्ट्रनीति” पाठ्यक्रम तैयार किया गया है, जिससे नई पीढ़ी न केवल अकादमिक रूप से, बल्कि नैतिक और सामाजिक चेतना के स्तर पर भी मजबूत बन सके।

By Abhishek Saini

वर्तमान में मैं 4Iconic Media Group में पिछले तीन वर्षों से न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हूं। पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 15 वर्षों के अनुभव के साथ संस्थान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और कंटेंट की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हूं। अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सुदर्शन न्यूज से की, जिसके बाद A2Z न्यूज चैनल, जनता टीवी, MH1 न्यूज सहित कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने का अवसर मिला। समाचार संपादन, कंटेंट प्लानिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग और न्यूजरूम मैनेजमेंट में व्यापक अनुभव हासिल किया है। लेखन मेरा जुनून है और निष्पक्ष, प्रभावशाली तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के माध्यम से समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को सामने लाने के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहा हूं। मीडिया जगत में अपने अनुभव, नेतृत्व क्षमता और रचनात्मक सोच के बल पर लगातार नए आयाम स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहा हूं।

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