Winter session of the UP Legislature: UP विधानमंडल का शीतकालीन सत्र रहा काफी हंगामेदार
उत्तर प्रदेश विधानमंडल के शीतकालीन सत्र का आज दूसरा दिन हंगामेदार रहा। प्रश्नकाल के दौरान कोडीन कफ सिरप मामले को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। समाजवादी पार्टी के आरोपों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में कड़ा जवाब दिया, जिसके बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई।
प्रश्नकाल के दौरान सीएम योगी ने विपक्ष पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रश्न क्या है और मुद्दे क्या उठाए जा रहे हैं, इसका पूरा अध्ययन करके सदन में आना चाहिए। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष द्वारा कोडीन कफ सिरप का मुद्दा उठाने पर तंज कसते हुए कहा कि वह उनकी मजबूरी समझते हैं। योगी ने बिना नाम लिए कहा कि एक कहावत है—चोर की दाढ़ी में तिनका।
उन्होंने आगे कहा कि देश के अंदर दो नमूने हैं, एक दिल्ली में और एक लखनऊ में बैठते हैं। जब देश में कोई चर्चा होती है तो वे देश छोड़कर चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि यही स्थिति “आपके बउआ” के साथ भी होती है, जो फिर इंग्लैंड सैर-सपाटे पर चले जाते हैं और यहां उनके लोग चिल्लाते रह जाते हैं।
सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में कोडीन कफ सिरप से किसी की मौत नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 में इस दवा के सबसे बड़े होलसेलर को लाइसेंस समाजवादी पार्टी की सरकार ने दिया था। उन्होंने विपक्ष पर पढ़ाई-लिखाई से दूरी का आरोप लगाते हुए कहा कि इसी वजह से इस तरह के बयान दिए जा रहे हैं। सिरप माफियाओं पर बुलडोजर चलाने की चुनौती पर योगी ने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है, समय आने पर बुलडोजर एक्शन भी होगा और उस समय चिल्लाने का मौका नहीं मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कोडीन कफ सिरप मामले में कहा कि विभोर राणा को लाइसेंस समाजवादी पार्टी के कार्यकाल में दिया गया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले के एक आरोपी आलोक सिपाही की अखिलेश यादव के साथ गिफ्ट देते हुए तस्वीरें वायरल हुई थीं। योगी ने कहा कि एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है और अब तक 77 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने दो टूक कहा कि किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा और कार्रवाई अभी जारी है।
विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए योगी ने कहा कि वह विपक्ष का दर्द समझते हैं, क्योंकि जब सरकार की कार्रवाई अपने आखिरी चरण में पहुंचेगी तो उनमें से कई लोग “फातिहा” पढ़ने जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ऐसी कार्रवाई करेगी कि उस स्थिति तक पहुंचने का मौका भी नहीं मिलेगा।
सीएम योगी के इस बयान के करीब 40 मिनट बाद समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पलटवार किया। उन्होंने लिखा कि यह आत्म-स्वीकृति है और किसी को उम्मीद नहीं थी कि दिल्ली-लखनऊ की लड़ाई इस स्तर तक पहुंच जाएगी। उन्होंने संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को मर्यादा में रहने की नसीहत दी और कहा कि भाजपा को अपनी अंदरूनी खींचतान को सार्वजनिक नहीं करना चाहिए।
इसके बाद सदन में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय खड़े हुए और सीएम की भाषा पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सदन के सम्मानित नेता हैं, लेकिन उनकी वाणी पर सवाल उठते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सीएम ने दो “नमूनों” की बात कर अखिलेश यादव और राहुल गांधी की ओर इशारा किया है। इस पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने किसी का नाम नहीं लिया है और आप खुद पर यह बात क्यों ले रहे हैं।
अध्यक्ष के इस बयान के बाद सपा विधायक हंगामा करने लगे। स्थिति बिगड़ने पर विधानसभा अध्यक्ष ने सपा पर गलत बयानी का आरोप लगाया और कहा कि अगर सैकड़ों मौतों का दावा किया जा रहा है तो नाम और प्रमाण बताए जाएं। इसके बाद समाजवादी पार्टी के विधायकों ने वॉकआउट कर दिया।
इससे पहले सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सपा विधायकों ने कोडीन कफ सिरप कांड पर चर्चा की मांग को लेकर जोरदार हंगामा किया। चर्चा की अनुमति नहीं मिलने पर विधायक वेल में आ गए और नारेबाजी करने लगे। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि यूपी में कोडीन सिरप से एक भी मौत नहीं हुई है और विपक्ष बेवजह माहौल खराब कर रहा है। विधानसभा अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि विधायक अपनी सीटों पर नहीं लौटे तो कार्रवाई करनी पड़ेगी। इसके बाद सपा विधायक अपनी सीटों पर लौटे।
हंगामे के बीच योगी सरकार ने शीतकालीन सत्र के दौरान वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 24,496.98 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट पेश करते हुए कहा कि यह प्रदेश के विकास को गति देने के उद्देश्य से लाया गया है। बजट में औद्योगिक विकास के लिए 4,874 करोड़ रुपये, पावर सेक्टर के लिए 4,521 करोड़ रुपये, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के लिए 3,500 करोड़ रुपये, नगर विकास के लिए 1,758.56 करोड़ रुपये और तकनीकी शिक्षा के लिए 639.96 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा महिला एवं बाल विकास के लिए 535 करोड़ रुपये, यूपीनेडा के लिए 500 करोड़ रुपये, मेडिकल एजुकेशन के लिए 423.80 करोड़ रुपये और गन्ना एवं चीनी मिल क्षेत्र के लिए 400 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। सत्र के दूसरे दिन सदन में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और बजट प्रस्तुति के साथ कार्यवाही काफी गरमाई हुई नजर आई।

