AIMIM attacks on Hijab controversy: हिजाब विवाद पर औवेसी की पार्टी AIMIM का हमलाAIMIM attacks on Hijab controversy: हिजाब विवाद पर औवेसी की पार्टी AIMIM का हमला

AIMIM attacks on Hijab controversy: हिजाब विवाद पर औवेसी की पार्टी AIMIM का हमला

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर अपने व्यवहार को लेकर राजनीतिक विवादों में घिर गए हैं. इस बार मुद्दा एक मुस्लिम महिला डॉक्टर के हिजाब से जुड़ा है. असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि एक सम्मानित महिला आयुष डॉक्टर के हिजाब को जबरन हटाना किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है. AIMIM ने मांग की है कि अगर मुख्यमंत्री में जरा-सी भी नैतिकता बची है, तो उन्हें तत्काल सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए.

AIMIM ने इस घटना को मुस्लिम महिलाओं की गरिमा और आत्मसम्मान से जोड़ते हुए कहा कि जब एक राज्य का मुख्यमंत्री इस तरह की हरकत कर सकता है, तो आम मुस्लिम महिलाओं की इज्जत और सुरक्षा की गारंटी आखिर कौन देगा. पार्टी ने सवाल उठाया कि क्या महिलाओं के खाते में 10,000 रुपये डालकर उनके आत्मसम्मान का सौदा किया जा रहा है. AIMIM का कहना है कि वह महिलाओं की इज्जत और हिजाब की हिफाजत के लिए पूरी मजबूती के साथ खड़ी है और इस मुद्दे पर पीछे हटने वाली नहीं है.

दरअसल, यह पूरा मामला पटना में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम से जुड़ा है, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नवनियुक्त 1283 आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र वितरित कर रहे थे. इसी दौरान जब एक मुस्लिम महिला डॉक्टर नुसरत परवीन मंच पर पहुंचीं, तो मुख्यमंत्री ने प्रमाण पत्र सौंपते समय उनके चेहरे से हिजाब हटाने की कोशिश की. यह सब कुछ सार्वजनिक मंच पर हुआ, जहां कई मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और अन्य नवनियुक्त डॉक्टर मौजूद थे.

इस घटना के वक्त मंच पर मौजूद नेताओं के चेहरे पर हैरानी साफ देखी गई. मुख्यमंत्री के ठीक पीछे खड़े उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्थिति को भांपते हुए नीतीश कुमार को रोकने की कोशिश की, लेकिन तब तक यह घटना घट चुकी थी. कुछ ही देर में कार्यक्रम से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई.

AIMIM ने इस वीडियो को साझा करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक महिला डॉक्टर का अपमान नहीं है, बल्कि यह संविधान द्वारा प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता पर भी सीधा हमला है. पार्टी का कहना है कि हिजाब किसी महिला की निजी आस्था और पहचान का हिस्सा है और उसे सार्वजनिक मंच पर इस तरह छूना या हटाना बेहद आपत्तिजनक है.

इस मुद्दे पर कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल ने भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा हमला बोला है. राष्ट्रीय जनता दल ने सवाल उठाया कि आखिर नीतीश कुमार को हो क्या गया है. पार्टी ने बयान जारी कर कहा कि मुख्यमंत्री की मानसिक स्थिति अब बेहद दयनीय हो चुकी है और वह सार्वजनिक मंचों पर लगातार ऐसी हरकतें कर रहे हैं, जो एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को शोभा नहीं देतीं.

वहीं, बिहार कांग्रेस ने इस घटना को “घटिया कृत्य” करार देते हुए मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग कर दी है. कांग्रेस का कहना है कि महिलाओं के सम्मान और धार्मिक भावनाओं से जुड़ी इस घटना ने पूरे बिहार को शर्मसार कर दिया है. पार्टी नेताओं का आरोप है कि नीतीश कुमार अब सत्ता में बने रहने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं और उन्हें न तो महिला सम्मान की चिंता है और न ही संविधानिक मूल्यों की.

यह विवाद ऐसे समय पर सामने आया है, जब नीतीश कुमार की छवि महिलाओं के हितैषी नेता के तौर पर पेश की जाती रही है. महिला सशक्तिकरण, शराबबंदी, जीविका समूह और आर्थिक सहायता जैसी योजनाओं के जरिए उन्होंने लंबे समय तक महिला मतदाताओं का समर्थन हासिल किया है. लेकिन हाल के वर्षों में महिलाओं को लेकर उनके बयान और व्यवहार बार-बार विवादों में आते रहे हैं.

विपक्ष का आरोप है कि यह कोई एक घटना नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री के सार्वजनिक आचरण का हिस्सा बन चुका है. इससे पहले भी मंचों पर महिलाओं को छूने, आपत्तिजनक बयान देने और निजी सीमाओं का उल्लंघन करने के आरोप लगते रहे हैं. विपक्षी दल इन सभी घटनाओं को जोड़कर मुख्यमंत्री की कार्यशैली और संवेदनशीलता पर सवाल उठा रहे हैं.

हिजाब विवाद ने न केवल राज्य की राजनीति को गर्मा दिया है, बल्कि यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बनता जा रहा है. सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर तीखी बहस चल रही है. कुछ लोग इसे महिला अधिकार और धार्मिक स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं, तो वहीं कुछ इसे मुख्यमंत्री की व्यक्तिगत असावधानी बता रहे हैं.

फिलहाल AIMIM, कांग्रेस और आरजेडी इस मुद्दे पर एक सुर में नीतीश कुमार से माफी या इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. वहीं, सत्तारूढ़ दल की ओर से अब तक इस मामले में कोई स्पष्ट और आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. बिहार की राजनीति में यह विवाद आने वाले दिनों में और तूल पकड़ता नजर आ रहा है.