CM Yogi Adityanath reached Gorakhpur on a two-day visit: CM योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे गोरखपुर
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार सुबह दो दिवसीय दौरे पर गोरखपुर पहुंचे, जहां उन्होंने सैनिक स्कूल में देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) दिवंगत जनरल बिपिन रावत की स्मृति में निर्मित भव्य ऑडिटोरियम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने जनरल रावत की चौथी पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा का अनावरण भी किया। समारोह में सीएम ने जनरल रावत के जीवन और उनके सैन्य योगदान पर आधारित विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
सैनिक स्कूल प्रोजेक्ट के तहत राज्य सरकार द्वारा बनाए गए इस ऑडिटोरियम का उद्देश्य छात्रों और कैडेट्स को प्रेरणा देना है ताकि वे राष्ट्र सेवा के मार्ग पर जनरल रावत जैसे आदर्शों का पालन कर सकें। कार्यक्रम में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनरल रावत के जीवन मूल्यों और उनके सादगीपूर्ण लेकिन दृढ़ व्यक्तित्व का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जनरल रावत अक्सर कहते थे कि युद्धभूमि में बलिदान होने पर स्वर्ग की प्राप्ति होती है और विजय मिलने पर धरती का शासन। योगी ने कहा कि यह केवल सैनिकों पर ही नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक पर लागू होता है।
सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान दिए गए संदेश को भी याद दिलाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देशवासियों से 100 वर्षों की विकास योजना को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ने का आह्वान किया था। योगी ने कहा कि हर सच्चा भारतीय चाहता है कि देश सुरक्षित, आत्मनिर्भर और विकसित बने। उन्होंने कहा कि यदि इस लक्ष्य को पाना है तो पंच प्रण का पालन आवश्यक है।
योगी ने कहा कि सैनिक स्कूल को हर साल 8 दिसंबर को जनरल बिपिन रावत एवं उनके साथ शहीद हुए सभी वीर सैनिकों की स्मृति में कार्यक्रम आयोजित करना चाहिए, ताकि कैडेट्स में राष्ट्रभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और जीवन के उच्च आदर्शों की प्रेरणा जागृत हो। उन्होंने जनरल रावत की सहजता, समर्पण और देशहित के प्रति उनके संकल्प को आज के युवा अधिकारियों और छात्रों के लिए प्रेरणादायक बताया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने इतिहास की गलत व्याख्याओं पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भारत के परमवीर चक्र विजेता और राष्ट्र के रक्षक हमारे लिए महान हैं। विदेशी आक्रांता कभी महान नहीं हो सकते। योगी ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने इतिहास में छेड़छाड़ कर विदेशी आक्रांताओं को महान बताने का प्रयास किया था, जो कि गुलामी की मानसिकता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने अपने गोरखपुर के औद्योगिक संघर्ष की कहानी भी साझा की। उन्होंने बताया कि फर्टिलाइजर कारखाना ट्रेड यूनियनों की अनियंत्रित मांगों और अव्यवस्थाओं के कारण बंद हो गया था। योगी ने कहा कि 1996 से 2016 तक उन्होंने कारखाना दोबारा शुरू कराने के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष किया, और आज वही फर्टिलाइजर प्लांट तीन गुनी क्षमता से चल रहा है।
योगी ने कहा कि भारतीयता पर गर्व की अनुभूति ही व्यक्ति की सच्ची पहचान है। उन्होंने बताया कि एक बार उन्होंने जनरल रावत से पूछा था कि सेना कठिन परिस्थितियों, माइनस 20 से माइनस 40 डिग्री तापमान वाले इलाकों में कैसे तैनात रहती है। इस पर जनरल रावत ने जवाब दिया था कि काम करते रहो और फल की चिंता मत करो। उन्होंने कहा कि सैनिक बर्फ़ जमने से रोकने के लिए लगातार गड्ढे खोदते हैं और भरते रहते हैं, जिससे शरीर सक्रिय रहता है।
सीएम योगी ने कहा कि जब समाज एकजुट होगा, तभी देश उन्नति करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ तत्व समाज को बांटने की कोशिश करते हैं और सत्ता में आने पर सिर्फ अपने परिवार का हित देखते हैं, विदेशों में संपत्ति बनाते हैं और देश को कमजोर करने का प्रयास करते हैं। योगी ने इन्हें आधुनिक समय का जयचंद बताते हुए कहा कि इनके लालच और छल से देश का कल्याण नहीं हो सकता। उन्होंने चेताया कि अनुशासन जीवन का मूल है और अनुशासनहीनता जीवन में दुशासन को जन्म देती है।
सैनिक स्कूल में बालिकाओं के लिए आरक्षण की पहल को याद करते हुए योगी ने कहा कि उन्होंने 2018 में लखनऊ सैनिक स्कूल में इसे लागू कराया था। गोरखपुर सैनिक स्कूल में वर्तमान में 310 छात्र-छात्राएं कैडेट्स के रूप में प्रशिक्षण ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में राष्ट्रपति के गोरखपुर दौरे के दौरान जब उन्हें पता चला कि सैनिक स्कूल के कैडेट्स उपस्थित हैं, तो वे स्वयं उनसे मिलने के लिए अपनी गाड़ी से उतर गईं और उनके व्यक्तित्व और अनुशासन की सराहना की।
शाम को मुख्यमंत्री पिपरौली ब्लॉक के नरकटहा क्षेत्र में पावरग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के CSR फंड से बने राजकीय आईटीआई का लोकार्पण भी करेंगे। यह संस्थान क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी शिक्षा और रोजगार के नए अवसर प्रदान करेगा।

