UP Minister of State Raghuraj Singh: उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री रघुराज सिंह का बड़ा बयानUP Minister of State Raghuraj Singh: उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री रघुराज सिंह का बड़ा बयान

UP Minister of State Raghuraj Singh: उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री रघुराज सिंह का बड़ा बयान

यूपी के दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री रघुराज सिंह ने अलीगढ़ में मंगलवार को एक बार फिर विवादित बयान दिया। रघुराज सिंह ने कहा कि अब तक जितने भी आतंकवादी पकड़े गए हैं, उनमें से अधिकतर किसी न किसी मस्जिद या मदरसे से जुड़े रहे हैं। मंत्री के मुताबिक, जितना पढ़ा-लिखा मुसलमान होता है, वह उतना बड़ा आतंकवादी निकलता है। उन्होंने इसका उदाहरण देते हुए कहा कि ओसामा बिन लादेन बीटेक और एमटेक की पढ़ाई कर चुका था, लेकिन उसने अमेरिका पर हमला किया। सिंह ने लादेन को ‘दैत्यों का वंशज’ बताया और कहा कि ऐसी सोच वाले लोगों से देश को खतरा है।

मंत्री यहीं नहीं रुके। उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ी यूनिवर्सिटियों को किसी भी राष्ट्रीय खेल या कार्यक्रम में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। उनका इशारा फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी की ओर था, जिसे एएमयू ने नॉर्थ जोन इंटरवर्सिटी क्रिकेट टूर्नामेंट में शामिल होने का न्योता दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि एएमयू ऐसी यूनिवर्सिटी को आमंत्रित कर रही है, तो यह भी आतंकवाद के समर्थन जैसा कदम है और ऐसे में एएमयू की भी जांच होनी चाहिए।

रघुराज सिंह ने आगे कहा कि एएमयू से पहले भी आतंकवाद से जुड़े लोग पकड़े गए हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बुरहान वानी जैसे आतंकी इसी यूनिवर्सिटी से जुड़े रहे हैं। मंत्री ने कहा कि देश में किसी भी अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान की जरूरत नहीं है। जैसे अन्य समुदायों के लोग सामान्य संस्थानों में शिक्षा प्राप्त करते हैं, वैसे ही अल्पसंख्यक समुदाय के लोग भी करें। उनके अनुसार, अल्पसंख्यक विशेषाधिकार के नाम पर देश में गलत काम और अत्याचार हो रहे हैं। इसलिए, आवश्यक है कि मदरसे और मस्जिदें बंद की जाएं।

उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली ब्लास्ट के बाद किसी भी मौलवी ने आतंकवाद की निंदा नहीं की। यह मौन भी संदेह पैदा करता है। आतंकवाद को उन्होंने सांप के फन की तरह बताया और कहा कि इसे उसी तरह कुचलना चाहिए जैसे कोई विषैले सांप का फन कुचल देता है।

इस दौरान रघुराज सिंह ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि फारूक अब्दुल्ला के कार्यकाल में ही आतंकवाद ने सबसे अधिक पैर पसारे। वे खुद आतंकवाद के समर्थक हैं। सिंह ने दावा किया कि अगर देश का कानून सख्त होता, तो फारूक अब्दुल्ला को फांसी हो चुकी होती। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के प्रति सख्त रवैया अपनाना जरूरी है, वरना देश की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी।

रघुराज सिंह ने अपना हमला वैश्विक स्तर तक बढ़ाते हुए न्यूयॉर्क के नए मेयर जोहरान ममदानी पर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि ममदानी धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश कर रहे हैं और उन्होंने टैक्स नीति में बदलाव कर ऐसा माहौल बना दिया है जिससे बड़े पैमाने पर संपन्न लोग नुकसान झेल रहे हैं और शहर छोड़ रहे हैं।

यह पहली बार नहीं है जब रघुराज सिंह ने ऐसे विवादित बयान दिए हैं। इससे पहले भी वे अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। उन्होंने पहले कहा था कि मदरसे आतंकवादियों के अड्डे हैं, जहां आतंक की ट्रेनिंग दी जाती है। उनके मुताबिक, मदरसे से निकलने वाला कोई भी व्यक्ति आतंकवाद की राह पर चलता है और उसकी सोच हिंसक होती है। उन्होंने कहा था कि अगर भगवान ने उन्हें अवसर दिया, तो वे पूरे देश के मदरसे बंद करवा देंगे ताकि आतंकवाद की जड़ें समाप्त की जा सकें।

सिंह ने यह भी बयान दिया था कि आतंकवाद को खत्म करने के लिए उसी तरह कार्रवाई करनी होगी जैसे सांप को मारने के लिए उसका फन कुचलना पड़ता है। उन्होंने एएमयू के छात्रों को लेकर भी विवादास्पद टिप्पणी की थी और यहां तक कह दिया था कि ऐसे छात्रों को जिंदा गाड़ देना चाहिए।

10 फरवरी 2020 को रघुराज सिंह ने केंद्र सरकार से बुर्के पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि बुर्के का इस्तेमाल आतंकवादी घुसपैठ के लिए करते हैं। उन्होंने दावा किया कि चीन, श्रीलंका सहित कई गैर-मुस्लिम देशों ने पहले ही बुर्के पर प्रतिबंध लगाया है, इसलिए भारत को भी ऐसा कदम उठाना चाहिए ताकि आतंकवाद को खत्म करने की दिशा में ठोस कदम उठाया जा सके।