Dhirendra Krishna Shastri Sanatan Ekta Padyatra enters Mathura: मथुरा में दाखिल धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन एकता पदयात्रा
बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की “सनातन एकता पदयात्रा” गुरुवार को अपने सातवें दिन में प्रवेश कर गई। दिल्ली और हरियाणा से होकर यह पदयात्रा आज उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में पहुंच गई है। यात्रा का उद्देश्य सनातन धर्म की एकता, सामाजिक सौहार्द और रामभक्ति का संदेश देना बताया जा रहा है। मथुरा में यह यात्रा चार दिनों में लगभग 55 किलोमीटर का सफर तय करेगी।
यात्रा के मथुरा जिले में प्रवेश करते ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। एएसपी अनुज चौधरी स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। पदयात्रा में देशभर से आए भक्त शामिल हैं। अनुमान है कि लगभग एक लाख श्रद्धालु इस यात्रा के साथ चल रहे हैं। यात्रा के दौरान जगह-जगह पर स्वागत द्वार बनाए गए हैं और श्रद्धालुओं के लिए भोजन और विश्राम की व्यवस्था की गई है।
पदयात्रा के दौरान हर तरफ जय श्री राम के जयकारे गूंज रहे हैं। भक्त ढोल-नगाड़ों और शंखध्वनि के साथ यात्रा में शामिल हैं। कई श्रद्धालु हनुमान, राम और सीता की वेशभूषा में नजर आए। अलग-अलग राज्यों से आए भजन मंडलों ने यात्रा को आध्यात्मिक वातावरण से भर दिया है।
हालांकि यात्रा के बीच पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की तबीयत ने चिंता बढ़ा दी। बुधवार को हरियाणा के पलवल में उन्हें अचानक चक्कर आ गया था। तापमान मापने पर उनका बुखार 100 डिग्री से अधिक पाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी, लेकिन उन्होंने दवा लेकर थोड़ी देर विश्राम किया और फिर यात्रा जारी रखी। गुरुवार को दोबारा यूपी-हरियाणा बॉर्डर के पास उनकी तबीयत बिगड़ी। वे सड़क पर ही लेट गए। आसपास मौजूद भक्तों ने उन्हें तुरंत संभाला और गमछे से हवा की। कुछ देर बाद वे उठकर बैठे और आचार के साथ पराठा खाया।
भक्तों के मुताबिक, यात्रा की तीव्र गति और लगातार भीड़ के कारण शास्त्री जी को थकावट और गर्मी से परेशानी हुई। फिर भी उन्होंने पदयात्रा को रोकने से इनकार किया और कहा कि यह यात्रा सनातन की शक्ति और एकता का प्रतीक है, इसलिए इसे रुकना नहीं चाहिए।
दिल्ली ब्लास्ट की घटना के बाद प्रशासन ने धीरेंद्र शास्त्री की सुरक्षा और बढ़ा दी है। पहले तीन पुलिस कंपनियां उनकी सुरक्षा में तैनात थीं, अब दो और कंपनियां जोड़ी गई हैं। इस तरह अब पांच पुलिस कंपनियां पदयात्रा के रूट पर सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि यात्रा के दौरान किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु पर कड़ी नज़र रखी जाए।
यात्रा का कार्यक्रम पहले से तय है। 13 नवंबर को यह यात्रा वृंदावन से लगभग 55 किलोमीटर दूर कोटवन बॉर्डर से उत्तर प्रदेश में दाखिल हुई। दोपहर में सेल टैक्स ऑफिस (कोटवन) के पास खाली मैदान में भोजन के लिए रोका गया। इसके बाद यात्रा 8.5 किलोमीटर का सफर तय करेगी और रात्रि विश्राम के लिए कोसी मंडी पहुंचेगी। यहां गुजरात के प्रसिद्ध भजन गायक कीर्ति दान गढ़वी द्वारा भजन प्रस्तुत किए जाएंगे
14 नवंबर को यात्रा कोसी मंडी से निकलकर 8.5 किलोमीटर का सफर तय करते हुए हाईवे के तुमौला गांव पहुंचेगी। भोजन के बाद यह यात्रा 8 किलोमीटर आगे बढ़कर छाता कस्बे के पास गुप्ता रेजीडेंसी के मैदान में पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम होगा।
15 नवंबर को यात्रा छाता से रवाना होकर 7.5 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। अकबरपुर के पास यादव हरियाणा ढाबे के समीप दोपहर के भोजन के लिए ठहराव होगा। भोजन के बाद यात्रा आगे बढ़कर जैत गांव के पास पहुंचेगी, जहां श्रद्धालुओं के लिए विश्राम की व्यवस्था की गई है।
16 नवंबर को यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव होगा। इस दिन कुल 17 किलोमीटर की दूरी दो चरणों में तय की जाएगी। सुबह यात्रा 8.5 किलोमीटर चलकर चार धाम मंदिर पहुंचेगी, जहां दोपहर का भोजन किया जाएगा। इसके बाद शाम को यात्रा बांके बिहारी मंदिर की ओर बढ़ेगी। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री स्वयं बांके बिहारी जी के दर्शन करेंगे और वहां भक्तों के साथ आरती करेंगे।
प्रशासन ने बताया कि यात्रा मार्ग पर 24 घंटे चिकित्सा टीम तैनात की गई है। एंबुलेंस और डॉक्टरों की टीम हर 5 किलोमीटर के अंतराल पर मौजूद रहेगी। भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था के लिए पुलिस और आरएएफ के जवान लगातार गश्त कर रहे हैं।

