The war of words intensified: बिहार विधानसभा चुनाव के बीच तेज हुई जुबानी जंगThe war of words intensified: बिहार विधानसभा चुनाव के बीच तेज हुई जुबानी जंग

The war of words intensified: बिहार विधानसभा चुनाव के बीच तेज हुई जुबानी जंग

बिहार चुनाव के बीच भोजपुरी स्टार और राजद प्रत्याशी खेसारी लाल यादव का एक और बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। छपरा सीट से राजद उम्मीदवार खेसारी लाल यादव ने गुरुवार को वोट डालने के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि राम मंदिर आस्था का विषय है, लेकिन देश के विकास के लिए शिक्षा और रोजगार सबसे जरूरी है।

खेसारी लाल यादव ने कहा, “राम मंदिर में पढ़कर मैं मास्टर, प्रोफेसर या अफसर बन जाऊंगा क्या? नहीं। राम मंदिर हमारी आस्था से जुड़ा विषय है, लेकिन देश को चलाने के लिए शिक्षा जरूरी है। शिक्षा ही वह शक्ति है जिससे देश मजबूत होता है।” उन्होंने कहा, “राम मंदिर बनाइए, मस्जिद बनाइए, जो करना है कीजिए, लेकिन साथ में शिक्षा के लिए भी काम कीजिए। बच्चों के भविष्य के लिए यूनिवर्सिटी खोलिए, युवाओं को रोजगार दीजिए। क्या उसके लिए हम डोनाल्ड ट्रम्प को वोट करेंगे?”

राजद प्रत्याशी खेसारी लाल यादव ने यह बयान उस समय दिया है जब पिछले कुछ दिनों से राम मंदिर को लेकर उनके पिछले इंटरव्यू के बयान पर विवाद चल रहा है। 27 अक्टूबर को एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, “राम मंदिर तो जरूरी है, लेकिन उससे ज्यादा जरूरी है देश में स्कूल, हॉस्पिटल और बाकी जरूरी व्यवस्थाएं। भगवान के लिए श्रद्धा हमारे दिल में होती है। मंदिर में भगवान नहीं होते, भगवान हमारे भीतर होते हैं। जब हमारे मन में भक्ति होती है, तभी हम मंदिर जाते हैं।”

उन्होंने यह भी कहा था कि वह मंदिर के विरोधी नहीं हैं, बल्कि उनका कहना है कि मंदिर बनना चाहिए, लेकिन लोगों का ख्याल रखना भी उतना ही जरूरी है। “आप मंदिर बना दो लेकिन अगर लोगों के पेट में अन्न नहीं देंगे तो क्या भूखे पेट भजन होता है? मंदिर बनना चाहिए, लेकिन भूखे को अन्न, बीमार को इलाज और बच्चों को शिक्षा भी मिलनी चाहिए,” खेसारी ने कहा था।

खेसारी के इस बयान के बाद भाजपा सांसद और अभिनेता रवि किशन ने उन पर तीखा हमला बोला था। 29 अक्टूबर को गोरखपुर में रवि किशन ने कहा था, “जहां सनातन विरोध की बात आएगी, जहां प्रभु श्रीराम के मंदिर पर सवाल उठेगा, वहां मेरा सगा भाई भी मेरे शब्द बाण से नहीं बचेगा। आप चुनाव जीतिए, आसमान में उड़ जाइए, लेकिन भगवान राम और सनातन का अपमान मत कीजिए। भइया हो, माई हो, कोई हो — यह बात मत करिए, बहुत चोट लगती है।”

रवि किशन के बयान ने इस बहस को और तीखा बना दिया। दोनों भोजपुरी सितारों के बीच राम मंदिर के मुद्दे पर यह विवाद सोशल मीडिया पर भी ट्रेंड करता रहा। खेसारी के समर्थकों ने कहा कि उनका बयान तो शिक्षा और विकास की जरूरत पर था, जबकि विरोधियों ने इसे आस्था पर सवाल उठाने के रूप में पेश किया।

इस पूरे विवाद के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव खेसारी लाल यादव के समर्थन में उतर आए। 2 नवंबर को छपरा में आयोजित एक रैली में अखिलेश यादव ने कहा, “इस बार का बिहार चुनाव पूरे देश के लिए खास है। पूरा देश बिहार की ओर देख रहा है, और छपरा की यह सीट सबसे चर्चित बन गई है।”

अखिलेश यादव ने कहा, “छपरा और यहां के प्रत्याशी खेसारी लाल यादव की चर्चा पूरे भारत में है। यहां की जनता का जोश बता रहा है कि इस बार खेसारी लाल यादव जीतकर पटना जाएंगे। जब बिहार में तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बनेंगे, तब पलायन नौजवानों का नहीं, बल्कि भाजपा का होगा।”

अखिलेश ने कहा कि बिहार ने हमेशा देश की राजनीति को नई दिशा दी है और इस बार भी इतिहास दोहराया जाएगा। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “भाजपा में कई ऐसे लोग हैं जो पहले समाजवादी पार्टी के साथ रह चुके हैं। आज वे ऊपर से भले भाजपा में हों, लेकिन भीतर से खेसारी लाल यादव के समर्थक हैं। इस बार वे भाजपा की राजनीति नहीं, बल्कि बिहार के बेटों की आवाज को चुनेंगे।”

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