MISSION SHAKTI 5.0: CM योगी ने किया मिशन शक्ति 5.0 का शुभारंभMISSION SHAKTI 5.0: CM योगी ने किया मिशन शक्ति 5.0 का शुभारंभ

MISSION SHAKTI 5.0: CM योगी ने किया मिशन शक्ति 5.0 का शुभारंभ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ स्थित लोक भवन सभागार में “मिशन शक्ति” अभियान के पांचवें चरण यानी मिशन शक्ति 5.0 का शुभारंभ किया। यह अभियान राज्य सरकार की महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस मौके पर प्रदेश के सभी 1,647 थानों में स्थापित मिशन शक्ति केंद्रों का वर्चुअल उद्घाटन किया गया। साथ ही, मिशन शक्ति से जुड़ी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) पुस्तिकाओं का विमोचन भी हुआ।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कई जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि, राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा और उनके आत्मसम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि, हर थाने में महिला हेल्प डेस्क, सशक्त SOP, और प्रशिक्षित महिला कर्मियों की तैनाती इस दिशा में एक ठोस कदम है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा, “आज उत्तर प्रदेश की पहचान एक सुरक्षित राज्य के रूप में हो रही है। मिशन शक्ति अभियान के जरिए हमने महिलाओं को भयमुक्त वातावरण देने का संकल्प लिया है और यह अभियान उसी दिशा में एक और मजबूत कदम है।”

मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में हाल ही में घटित एक घटना का उदाहरण देते हुए महिला सुरक्षा को लेकर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पर बल दिया। उन्होंने कहा, “आपने कल देखा होगा, महिला संबंधी अपराध में संलिप्त एक अपराधी बाहर से आया था। वह संभवतः मारीच की तरह घुसा था लेकिन जब यहां की पुलिस की गोली ने उसके शरीर को छलनी किया तो वह चिल्ला रहा था कि- ‘सर, मैं गलती से उत्तर प्रदेश की सीमा में आ गया हूं, आगे से यह दुस्साहस नहीं करूंगा।'”

सीएम योगी ने कहा कि महिला सुरक्षा में सेंध लगाने वाले हर अपराधी को यही अंजाम भुगतना होगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन में बाधा बनने वालों के सामने संकट की यही चुनौती हमेशा खड़ी रहेगी।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वर्ष 2024 की शुरुआत से अब तक राज्य में 12,271 अपराधियों को सजा दिलाई गई है। इनमें से 987 अपराधियों को आजीवन कारावास और 7817 को 10 साल से कम की सजा सुनाई गई है। उन्होंने बताया कि मिशन शक्ति के अंतर्गत प्रत्येक थाने में महिला अपराधों से निपटने के लिए विशेष महिला डेस्क की स्थापना की गई है, जहां प्रशिक्षित स्टाफ महिला पीड़िताओं की शिकायतों को गंभीरता से सुनता है और उचित कार्रवाई सुनिश्चित करता है।

इस अवसर पर पूरे राज्य के साथ-साथ औरैया जिले में भी कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया। औरैया जिले में पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती के निर्देशन में सभी थाना और सर्किल क्षेत्रों में अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया।

थाना कोतवाली औरैया में अपर पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी सदर समेत सभी पुलिसकर्मियों ने मुख्यमंत्री के संबोधन का सामूहिक अवलोकन किया। कार्यक्रम के उपरांत जिले के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प लिया। साथ ही उन्होंने समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी से मिशन शक्ति अभियान को सफल बनाने का भी प्रण लिया।

मुख्यमंत्री योगी ने कार्यक्रम के दौरान यह भी स्पष्ट किया कि मिशन शक्ति केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह समाज में मानसिकता के बदलाव का अभियान है। उन्होंने कहा कि जब समाज का हर वर्ग—चाहे वह प्रशासनिक हो, शैक्षिक हो या आम नागरिक—महिला सुरक्षा और सम्मान को अपनी ज़िम्मेदारी मानेगा, तभी यह मिशन पूरी तरह सफल हो सकेगा।

मुख्यमंत्री ने मिशन शक्ति 5.0 को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ‘साइलेंट रिवोल्यूशन’ करार दिया। उन्होंने कहा कि आज की महिला आत्मनिर्भर है, और सरकार का प्रयास उसे वह सभी साधन उपलब्ध कराना है जिससे वह न केवल सुरक्षित रहे, बल्कि आत्मविश्वास से भरपूर होकर समाज और राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा सके।

मिशन शक्ति के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में भी विशेष कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिनमें स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए वित्तीय सहायता, कौशल विकास और रोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। वहीं, शहरी क्षेत्रों में भी छात्राओं और कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षा के विशेष उपाय किए गए हैं।

प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई यह पहल न केवल एक प्रशासनिक प्रयास है, बल्कि यह समाज में महिला-सशक्तिकरण की एक जन-आंदोलन की तरह विकसित हो रही है। मिशन शक्ति 5.0 का शुभारंभ इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो महिलाओं को सशक्त, सुरक्षित और स्वावलंबी बनाने की दिशा में सरकार की गंभीरता को दर्शाता है।