सोनीपत, अंबाला और पंचकूला में निगम चुनाव की तैयारीसोनीपत, अंबाला और पंचकूला में निगम चुनाव की तैयारी

सोनीपत, अंबाला और पंचकूला में निगम चुनाव की तैयारी

 

हरियाणा सरकार और राज्य चुनाव आयोग ने राज्य के तीन प्रमुख नगर निगमों सोनीपत, अंबाला और पंचकूला में आगामी नगर निगम चुनाव की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। वर्तमान नगर निगमों का कार्यकाल 12 दिसंबर को समाप्त हो रहा है, इसलिए सरकार की कोशिश है कि, नए चुनाव दिसंबर 2025 में आयोजित कराए जा सकें, हालांकि जनवरी 2026 में ये चुनाव प्रस्तावित हैं।

इस बार चुनाव की सबसे बड़ी खासियत ये है कि, इन तीनों नगर निगमों में से किसी एक में मेयर पद पिछड़ा वर्ग (BC-B) की महिला के लिए आरक्षित होगा। ये निर्णय ड्रॉ के माध्यम से लिया जाएगा। नगर निगमों के वार्डबंदी और पार्षदों की सीटों का आरक्षण पहले ही तय कर दिया गया है, जिससे चुनाव प्रक्रिया सुचारू रूप से आगे बढ़ सके।

हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय विभाग (ULB) की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, सोनीपत, अंबाला और पंचकूला में कुल सीटों का आरक्षण SC, BC और महिलाओं के लिए तय किया गया है।
अंबाला नगर निगम में कुल 20 सीटें निर्धारित की गई हैं।

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इनमें 3 सीटें अनुसूचित जाति के लिए, 1 अनुसूचित जाति महिला के लिए, 2 पिछड़ा वर्ग ‘ए’ और 1 पिछड़ा वर्ग ‘ए’ महिला के लिए आरक्षित हैं। इसके अलावा, 7 सीटें सामान्य श्रेणी की महिलाओं के लिए निर्धारित की गई हैं।

वहीं पंचकूला नगर निगम में भी कुल 20 सीटें हैं। आरक्षण पैटर्न अंबाला के समान ही है। 3 सीटें अनुसूचित जाति, 1 अनुसूचित जाति महिला, 2 पिछड़ा वर्ग ‘ए’, 1 पिछड़ा वर्ग ‘ए’ महिला और 7 सामान्य श्रेणी की महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।

सोनीपत नगर निगम में कुल 22 सीटें निर्धारित की गई हैं। इनमें 4 अनुसूचित जाति, 2 अनुसूचित जाति महिला, 2 पिछड़ा वर्ग ‘ए’, 1 पिछड़ा वर्ग ‘ए’ महिला और 8 सामान्य श्रेणी की महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।

इस नगर निगम में वार्डों की संख्या 2 बढ़ाई गई है, जिससे कुल वार्डों की संख्या 22 हो गई है। पंचकूला और अंबाला में वार्डों की संख्या स्थिर रही है, यानी दोनों नगर निगमों में 20-20 वार्ड ही रहेंगे।

सोनीपत और अंबाला में पिछले साल मार्च में उपचुनाव कराए गए थे, क्योंकि यहां के मेयर विधायक बन गए थे। जिनमें सोनीपत में वर्तमान मेयर राजीव जैन हैं। इससे पहले मेयर निखिल मदान कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए और विधायक बने थे।

राजीव जैन पूर्व मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रह चुके हैं और पूर्व शहरी विकास मंत्री कविता जैन के पति हैं। वहीं अंबाला में यहां की मेयर शैलजा सचदेवा हैं। वे पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा की पत्नी और राज्यसभा सदस्य कार्तिकेय शर्मा की माता शक्ति रानी शर्मा की करीबी हैं।

वे बीजेपी के टिकट पर कालका से विधायक बन गईं, जिसके बाद शैलजा सचदेवा को मेयर चुना गया। पंचकूला में मेयर कुलभूषण गोयल हैं। उनकी राजनीतिक पकड़ पूर्व विधानसभा स्पीकर डॉ. ज्ञानचंद गुप्ता के समीपियों में मानी जाती है।

तीनों नगर निगमों में वार्डबंदी पूरी हो चुकी है और मेयर आरक्षण के लिए ड्रॉ निकाला जाएगा। चुनाव की घोषणा इस साल दिसंबर के आखिरी या जनवरी 2026 के पहले सप्ताह में होने की संभावना है।
हरियाणा सरकार और राज्य चुनाव आयोग चुनाव को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से कराना चाहते हैं।

इसके लिए पहले वार्डों की संख्या और उनके आरक्षण का निर्धारण किया गया। इसके बाद ही मेयर और पार्षदों के चुनाव की तारीखों पर फैसला होगा।

इस बार विशेष ध्यान मेयर पद के लिए आरक्षण पर दिया गया है। पिछड़ा वर्ग (BC-B) की महिला उम्मीदवार को मेयर पद के लिए आरक्षित किया जाएगा, जो सामाजिक समानता और महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में कदम है।

सोनीपत, अंबाला और पंचकूला में नगर निगम चुनाव हरियाणा की राजनीति में अहम भूमिका निभाते हैं। इन नगर निगमों की सीटें वर्तमान में बीजेपी के पास हैं, लेकिन आने वाले चुनाव में अन्य पार्टियों की चुनौती भी बढ़ सकती है।

इस प्रकार, हरियाणा में सोनीपत, अंबाला और पंचकूला नगर निगम चुनाव की तैयारियां पूरी गति से चल रही हैं। दिसंबर 2025 या जनवरी 2026 में चुनाव की घोषणा होने की संभावना है। इस चुनाव में वार्डबंदी, आरक्षण और मेयर पद के लिए पिछड़ा वर्ग महिला का आरक्षण चुनावी समीकरण बदल सकता है।

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