हिमाचल प्रदेश की सियासत में उठा नया तूफान
हिमाचल प्रदेश की राजनीति में इन दिनों बयानबाज़ी का दौर तेज़ हो गया है। बॉलीवुड अभिनेत्री और मंडी से बीजेपी सांसद कंगना रनौत के हालिया बयानों ने कांग्रेस के दो बड़े मंत्रियों ने पलटवार किया है। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी और PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कंगना के बयानों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उन पर तंज कसा है।
कुल्लू में राहुल गांधी पर कंगना रनौत की टिप्पणी के बाद हिमाचल के तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि, BJP और RSS कंगना से अपनी बात कहलवाते हैं। धर्माणी ने इसे BJP की “रणनीति” बताया और आरोप लगाया कि, जब पार्टी के पास जनता के असली सवालों का जवाब नहीं होता, तो वे मशहूर चेहरों को आगे करके माहौल को भटकाने की कोशिश करती है।
राजेश धर्माणी ने कहा कि, कांग्रेस और गांधी परिवार हमेशा जिम्मेदारी से राजनीति करते आए हैं। उन्होंने याद दिलाया कि, जवाहरलाल नेहरू और मोतीलाल नेहरू जैसे नेता न केवल आज़ादी की लड़ाई में शामिल थे, बल्कि उन्होंने देश के लिए जेल की यातनाएं भी सही थीं। बावजूद इसके BJP और RSS उनके देशप्रेम पर सवाल उठाते रहे हैं।
धर्माणी ने तंज कसते हुए कहा कि, “बीजेपी नेताओं के पास जनता के मुद्दों का कोई ठोस जवाब नहीं है। इसलिए वे कंगना रनौत जैसी हस्तियों को आगे करके प्रदेश की राजनीति को भटकाने का काम कर रहे हैं।” वहीं धर्माणी ने कहा कि, कंगना “BJP-RSS की कठपुतली हैं”।
दरअसल, ये विवाद हाल ही में कंगना के बयान से शुरू हुए है। जिस बयान में कंगना ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि, राहुल हमेशा ऐसे बयान और हरकतें करते हैं, जिनसे देश शर्मसार होता है। साथ ही कंगना ने व्यंग्य करते हुए कहा कि,”लगता है राहुल सुबह-सुबह आंखें मलते-मलते उठते हैं और कुछ भी पोस्ट कर देते हैं।”

कंगना रनौत ने राहुल गांधी को वंशवाद का प्रतीक बताते हुए नेपाल की राजनीति का उदाहरण दिया और कहा कि, वहाँ के लोगों ने वंशवाद को खत्म कर लोकतांत्रिक सरकार बनाई है। भारत में भी लोग अब ऐसे नेताओं को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
यही नहीं, कंगना ने आगे ये भी कहा कि, राहुल गांधी ने पहले भी विदेशों में जाकर देश को लेकर शर्मनाक बयान दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि, अमेरिका में जाकर देश को बचाने की भीख मांगी और अब भी ऐसी करतूतें बंद नहीं हो रही हैं। कंगना ने इस पर गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि, ऐसे नेताओं की वजह से देश की छवि खराब होती है।
साथ ही कंगना ने विक्रमादित्य सिंह पर भी निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि, PWD मंत्री शादी और हनीमून में व्यस्त हैं और प्रदेश की समस्याओं से बेखबर हैं। कंगना ने सवाल उठाया कि, जब प्रदेश में इतनी समस्याएं हैं, तो मंत्री को इस वक्त छुट्टियां और उत्सव मनाने का क्या हक है।
वहीं कंगना रनौत के इन बयानों पर PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भी पलटवार किया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कंगना से जुड़े एक पोस्टर को शेयर किया और उस पर कैप्शन लिखा-
“ईश्वर इन्हें सद्बुद्धि प्रदान करें, हमारी यही प्रार्थना है।”

इस पर विक्रमादित्य सिंह ने बिना सीधे जवाब दिए कंगना को ईश्वर से “सद्बुद्धि” देने की प्रार्थना कर दी। ये बयान भी अब हिमाचल की राजनीति में खूब चर्चा बटोर रहा है।
ऐसे में विशेषज्ञों का माना हैं कि, कंगना रनौत बीजेपी के लिए सिर्फ एक सांसद नहीं बल्कि एक “फेस वैल्यू” भी हैं। उनका नाम और लोकप्रियता पार्टी के लिए एक हथियार बन चुकी है। यही वजह है कि, जब भी कंगना विपक्ष पर हमला करती हैं, तो उसका राजनीतिक असर तेजी से फैलता है।
हिमाचल की जनता के लिए ये सियासी घमासान नया नहीं है। चुनावी माहौल हो या कोई बड़ा मुद्दा, अक्सर नेता एक-दूसरे पर तीखी बयानबाज़ी करते हैं। लेकिन इस बार खास बात ये है कि, कांग्रेस के दो मंत्री सीधे तौर पर कंगना से भिड़ गए हैं।

